
नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में एक नाबालिग से चलती स्लीपर बस में कथित गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद महिला सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि इतने लंबे सफर के दौरान बस कई प्रमुख मार्गों और सीमाओं से गुजरती रही, फिर भी पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली।पुलिस के अनुसार, घटना के सिलसिले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। बस को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और उसके पूरे रूट के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।
राहुल गांधी ने बसों की निगरानी पर उठाया सवाल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा कि दिल्ली-NCR में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर व्यवस्था पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि नाबालिग के साथ कथित अपराध के दौरान बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली की रिंग रोड और सीमा क्षेत्रों से होकर गुजरी, लेकिन किसी स्तर पर उसे रोका नहीं गया।उन्होंने 2012 के निर्भया कांड का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि इतने वर्षों के बाद भी स्लीपर बसों की जांच और निगरानी से जुड़े नियम प्रभावी ढंग से लागू क्यों नहीं हो रहे हैं।
ड्राइवर और कंडक्टर पर गंभीर आरोप
पुलिस के मुताबिक, 16 वर्षीय किशोरी ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 4 अगस्त को परी चौक के पास खाली स्लीपर बस में ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ यौन हिंसा की। शिकायत के अनुसार, विरोध करने पर उसे धमकी दी गई और बाद में दिल्ली के कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया गया।पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप के रूप में की है। दोनों को तिमारपुर इलाके की एक पार्किंग से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
CCTV फुटेज से खंगाला जा रहा पूरा रूट
जांचकर्ताओं ने बस के संभावित रूट से जुड़े CCTV फुटेज जुटाए हैं। पुलिस अब इन फुटेज की मदद से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बस किन-किन स्थानों से होकर गुजरी और घटनाक्रम किस तरह हुआ।पुलिस के सामने यह भी अहम सवाल है कि बस के सफर के दौरान क्या किसी स्थान पर निगरानी या जांच की व्यवस्था सक्रिय थी और यदि थी, तो कथित घटना का पता क्यों नहीं चल सका।
परिवार को बताए बिना घर से निकली थी किशोरी
पुलिस के अनुसार, किशोरी उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली है। पढ़ाई को लेकर मां की डांट के बाद वह परिवार को बिना बताए घर से निकल गई थी। उसका इरादा नोएडा सेक्टर 63 जाने का था, जहां उसका रिश्तेदार रहता है।बताया गया है कि भारी बारिश और अंधेरे के बीच वह रास्ते में परी चौक पर उतर गई। बाद में गलत स्थान पर पहुंचने का पता चलने पर उसने दूसरी सवारी तलाशने की कोशिश की और इसी दौरान स्लीपर बस में पहुंची। पुलिस के मुताबिक, उस समय बस में कोई अन्य यात्री मौजूद नहीं था।
जवाबदेही तय करने की मांग
राहुल गांधी ने घटना को लेकर दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की जवाबदेही पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से महिला सुरक्षा की व्यवस्था को मजबूत करने की मांग करते हुए पूछा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदारी कब तय होगी।फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। CCTV और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।




















