

जशपुर: जशपुर पुलिस ने चार वर्ष पुराने साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए झारखंड से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बैंक अधिकारी बनकर पैन कार्ड अपडेट कराने और नेट बैंकिंग चालू कराने का झांसा देकर एक व्यक्ति के खाते से 3 लाख 25 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की थी।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2022 में सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्र के निवासी रामलोचन गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 9 और 10 अक्टूबर 2022 को अज्ञात व्यक्ति ने स्वयं को बैंक अधिकारी बताते हुए उनसे संपर्क किया। आरोपी ने पैन कार्ड अपडेट कराने और नेट बैंकिंग सक्रिय करने के नाम पर विश्वास में लेकर अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से उनके बैंक खाते से कुल 3.25 लाख रुपये निकाल लिए।मामले में सिटी कोतवाली जशपुर में अपराध क्रमांक 429/2022 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-डी के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया था।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में जशपुर पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाकर तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शनों का गहन विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान पता चला कि ठगी की राशि विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी, जिनमें फिनो पेमेंट बैंक का एक खाता भी शामिल था।पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी और पतासाजी के आधार पर झारखंड के धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोपालगंज निवासी नीलकंठ दास (24) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अपने नाम से फिनो पेमेंट बैंक में खाता खुलवाया था, जिसमें ठगी की राशि में से 25 हजार रुपये जमा हुए थे। इस राशि को उसने एटीएम कार्ड के माध्यम से चार बार में निकालकर खर्च कर दिया। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि घटना के बाद उसने ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन और सिम को नष्ट कर दिया था।पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी में प्रयुक्त बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और पैन कार्ड जब्त कर लिया है। मामले में शामिल अन्य बैंक खातों, सहयोगियों और साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच अभी जारी है। पुलिस ने अन्य संदिग्ध आरोपियों की पहचान कर ली है और उनकी तलाश जारी है।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि बैंक अधिकारी बनकर पैन कार्ड, केवाईसी, नेट बैंकिंग या खाते से जुड़ी जानकारी मांगने वाले अज्ञात कॉल पर विश्वास न करें तथा किसी के साथ ओटीपी, सीवीवी, एटीएम पिन या बैंक पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
साइबर ठगी की शिकायत होने पर नागरिक राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क कर सकते हैं तथा शिकायत दर्ज करने के लिए www.cybercrime.gov.in का उपयोग कर सकते हैं।











