

सूरजपुर: जिला जेल प्रशासन के निर्देशानुसार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (एसबीआई बैंक आरएसईटीआई), सूरजपुर द्वारा जिला जेल सूरजपुर में 12 दिवसीय कौशल विकास एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में कुल 35 बंदियों को अगरबत्ती निर्माण एवं साबुन निर्माण का व्यावहारिक एवं उद्यमिता आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों को स्वरोजगारपरक कौशलों से प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाना तथा रिहाई के उपरांत सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने में सक्षम बनाना है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अगरबत्ती एवं साबुन निर्माण की संपूर्ण उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है, जिसमें कच्चे माल का चयन, सामग्री की गुणवत्ता, मशीन एवं उपकरणों का सुरक्षित उपयोग, उत्पादन की वैज्ञानिक विधियां, गुणवत्ता नियंत्रण, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन, लागत निर्धारण, लाभ-हानि का आकलन तथा लघु उद्योग स्थापित करने संबंधी महत्वपूर्ण विषय सम्मिलित हैं।
इसके साथ ही प्रतिभागियों को बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय साक्षरता, बचत की आदत, ऋण सुविधाओं, सरकारी स्वरोजगार योजनाओं तथा उद्यमिता विकास से संबंधित विषयों पर भी विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से बंदियों में तकनीकी कौशल के साथ-साथ सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, अनुशासन, समय प्रबंधन, टीम भावना तथा स्वावलंबन की भावना का विकास करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि रिहाई के पश्चात वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकें तथा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकें।
इस अवसर पर जेलर श्री विक्रम गुप्ता ने कहा कि कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम बंदियों के पुनर्वास की दिशा में अत्यंत प्रभावी पहल है। ऐसे कार्यक्रमों से बंदियों को नया जीवन प्रारंभ करने का अवसर मिलता है तथा वे समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होते हैं। उन्होंने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया आरएसईटीआई, सूरजपुर द्वारा किए जा रहे इस प्रयास की सराहना की। लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) संदीप कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में स्वरोजगार आत्मनिर्भरता का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ उठाने तथा भविष्य में स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि बैंक एवं विभिन्न सरकारी योजनाएं पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार स्थापित करने में आवश्यक सहयोग प्रदान करती हैं।
आरएसईटीआई निर्देशक अशोक कुमार राणा ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) का उद्देश्य ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि संस्थान समय-समय पर विभिन्न रोजगारोन्मुखी ट्रेडों में प्रशिक्षण आयोजित कर युवाओं, महिलाओं तथा विशेष वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रहा है, और जिला जेल सूरजपुर में आयोजित यह प्रशिक्षण भी उसी उद्देश्य की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आरएसईटीआई फैकल्टी परमानंद एवं मयंक तिवारी द्वारा प्रतिभागियों को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जबकि ऑफिस असिस्टेंट अंकित गुप्ता, अजय कुमार, सुनील कुमार सहित आरएसईटीआई एवं जिला जेल के अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने बंदियों से प्रशिक्षण को गंभीरता एवं समर्पण के साथ सीखने का आह्वान करते हुए कहा कि कौशल ही भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बंदियों के कौशल विकास, पुनर्वास, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक पुनर्स्थापन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल है, जो ‘‘कौशल विकास से आत्मनिर्भर भारत‘‘ के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।











