
वैज्ञानिक प्रतिभा एवं नवाचारपरक सोच के दम पर जिले में किया विद्यालय का नाम रोशन, सतत विकास की थीम पर प्रस्तुत किया उत्कृष्ट वैज्ञानिक प्रकल्प
सूरजपुर: प्रतिभा जब जिज्ञासा, परिश्रम एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समन्वित होती है, तब सफलता के नए प्रतिमान स्थापित होते हैं। इसी का परिचय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, देवनगर की छात्राओं गौरी जायसवाल एवं ज्योति कुशवाहा ने दिया। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026 के जिला स्तरीय आयोजन में जूनियर वर्ग में प्रथम स्थान अर्जित कर दोनों छात्राओं ने अपनी वैज्ञानिक अभिरुचि, अनुसंधानपरक चिंतन एवं नवाचार की क्षमता का उत्कृष्ट परिचय दिया। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार एवं क्षेत्र में हर्ष एवं गौरव का वातावरण व्याप्त है। छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सूरजपुर के आदेशानुसार तथा राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के निर्देशन में 3 नवंबर 2026 को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (सेजेस), विश्रामपुर में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का जिला स्तरीय आयोजन सम्पन्न हुआ। इस वर्ष आयोजन की केंद्रीय विषयवस्तु 'सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार' निर्धारित की गई थी।

इसी व्यापक विषयवस्तु के अंतर्गत अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा, जल, खाद्य एवं कृषि, स्वास्थ्य तथा सतत विकास के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा का अनुप्रयोग जैसे पांच उपविषयों पर विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक परियोजनाएं प्रस्तुत कीं। प्रतियोगिता में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने जूनियर एवं सीनियर वर्ग में सहभागिता की। इसी क्रम में देवनगर की गौरी जायसवाल एवं ज्योति कुशवाहा ने जूनियर वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
दोनों छात्राओं की इस उपलब्धि को विद्यालय में वैज्ञानिक चेतना, नवाचारपरक शिक्षा एवं विद्यार्थियों की सृजनात्मक क्षमता के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर की वैज्ञानिक गतिविधि से संबद्ध इस आयोजन में जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना उनके परिश्रम, विषय के प्रति गंभीरता एवं मार्गदर्शन का प्रतिफल है।
निर्णायक मंडल में शामिल रहे विषय विशेषज्ञ
प्रतियोगिता में प्रस्तुत वैज्ञानिक परियोजनाओं के मूल्यांकन हेतु डॉ. तुलसीराम रहंगडाले एवं डॉ. धनंजय पांडेय निर्णायक मंडल के रूप में उपस्थित रहे। वहीं नवीन कन्या महाविद्यालय, सूरजपुर के प्राचार्य बृजलाल साहू एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी हरेंद्र सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। निर्णायकों द्वारा विद्यार्थियों की परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया।
आयोजन की सफलता में रहा सामूहिक योगदान
कार्यक्रम के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन में जिला समन्वयक शंभू प्रसाद निषाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं सहायक जिला समन्वयक दीपक पटेल, डॉ. निशा सिंह, गोपाल सिंह, संतोष उपाध्याय, दुष्यंत राजवाड़े, आदित्य दुबे, प्रेमदास गुप्ता, दिनेश प्रजापति, मतेंद्र सिंह एवं सुनील सिंह सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे मार्गदर्शक शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधानपरक प्रवृत्ति एवं नवाचार की भावना विकसित करना तथा पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग एवं सतत विकास के प्रति जागरूकता का संवर्धन करना रहा। आयोजन के समापन अवसर पर जिला समन्वयक शंभू प्रसाद निषाद ने समस्त अतिथियों, निर्णायकों, सहयोगियों, मार्गदर्शक शिक्षकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।











