
सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के रामनगर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। श्रीराम कथा के आयोजन के अवसर पर 26 अक्टूबर को भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में बच्चे, बुजुर्ग, युवा और श्रद्धालु शामिल हुए। जय श्रीराम के जयघोष और भक्तिमय वातावरण के बीच निकली इस कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को राममय कर दिया। धार्मिक आयोजन को लेकर रामनगर सहित आसपास के गांवों में उत्साह का माहौल है।
यह भव्य धार्मिक आयोजन राधा कृष्ण सेवा समिति के नेतृत्व में रामनगर, रामपुर, सरस्वतीपुर, रुनियाडीह सहित आसपास के क्षेत्रों के सहयोग से किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य लोगों को धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों से जोड़ना, भगवान श्रीराम के आदर्शों का संदेश जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज में आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करना है।
कलश यात्रा यात्रा में श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
26 अक्टूबर को भव्य कलश यात्रा की शुरुआत रामनगर मिनी स्टेडियम से हुई। यहां से श्रद्धालु कलश लेकर रुनियाडीह स्थित रेड नदी के तट पर नर्मदेश्वर शिव मंदिर के पास पहुंचे। वहां रेड नदी से जल लेकर श्रद्धालुओं ने नर्मदेश्वर शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद श्रद्धालु कलश यात्रा के साथ वापस रामनगर मिनी स्टेडियम लौटे, जहां श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है।धार्मिक आस्था से जुड़े इस आयोजन में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। श्रद्धालुओं की मौजूदगी और धार्मिक उत्साह के बीच पूरे क्षेत्र में भक्ति का वातावरण नजर आया।
कलश यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने रामकथा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। स्थानीय स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम में आसपास के गांवों के लोगों का सहयोग भी देखने को मिला। आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के सदस्य और क्षेत्रवासी जुटे हुए हैं।
भागवत कथा और शिव पुराण के बाद अब रामकथा का आयोजन
राधा कृष्ण सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि रामनगर में धार्मिक आयोजनों की परंपरा लगातार आगे बढ़ रही है। समिति इससे पहले भी भागवत कथा और शिव पुराण जैसे धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करा चुकी है। इसी क्रम में इस वर्ष श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
समिति के सदस्यों के अनुसार, पूर्व में आयोजित धार्मिक कथाओं में भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं। इन आयोजनों के दौरान पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने और प्रसाद ग्रहण करने की बात समिति ने कही। धार्मिक आयोजनों में क्षेत्रवासियों की लगातार बढ़ती भागीदारी को देखते हुए इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस बार 10 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
समिति के सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष रामकथा को लेकर विशेष उत्साह है। रामनगर, रामपुर, सरस्वतीपुर, रुनियाडीह और आसपास के गांवों के लोगों की सहभागिता को देखते हुए आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार लगभग 10 हजार श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। श्रद्धालुओं के लिए कथा श्रवण और प्रसाद ग्रहण की व्यवस्था को लेकर भी आयोजन से जुड़े लोग सक्रिय हैं।
रामकथा जैसे धार्मिक आयोजन न केवल लोगों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में एकजुटता, सहयोग और सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रामनगर में आयोजित यह कार्यक्रम इसी धार्मिक और सामाजिक भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
रामनगर में रामकथा के शुभारंभ के साथ ही क्षेत्र में भक्ति का माहौल बन गया है। अब श्रद्धालुओं को कथा के आगामी दिनों का इंतजार है। आयोजकों को विश्वास है कि आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर कथा श्रवण करेंगे और इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाएंगे।



















