इंदौर। दीपावली के त्योहार को देखते हुए इंदौर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को शहर और जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 8 प्रतिष्ठानों की जांच करते हुए मिठाई, नमकीन और अन्य खाद्य सामग्री के 19 नमूने लिए गए।

संग्रहित नमूनों को जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा। प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। त्योहार के दौरान मिलावटी और असुरक्षित खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने के उद्देश्य से विभाग की टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं।

काजू कतली, मावा और घी समेत कई खाद्य पदार्थों की जांच

निरीक्षण अभियान के दौरान नमकीन क्लस्टर में मिठाई और नमकीन तैयार करने वाली इकाइयों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने काजू कतली, मावा, घी, दही, सेव और विभिन्न प्रकार की नमकीन के नमूने एकत्र किए।

कार्रवाई के दौरान खराब क्रीम से भरे दो टीन भी मौके पर नष्ट कराए गए। विभाग की टीम ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसे तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं का निरीक्षण किया।

कारोबारियों को साफ-सफाई और लाइसेंस संबंधी निर्देश

खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों के संचालकों को परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। कारोबारियों से वैध खाद्य पंजीयन और लाइसेंस के आधार पर ही व्यवसाय संचालित करने को भी कहा गया।

यह अभियान खाद्य सुरक्षा आयुक्त और खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक के निर्देशन में कलेक्टर वर्मा के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य त्योहार के दौरान बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर निगरानी रखना है।

छह महीने में 2,051 खाद्य नमूने जांच के लिए जुटाए

खाद्य सुरक्षा प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक इंदौर जिले में कुल 965 निरीक्षण किए गए। इस अवधि में विभिन्न खाद्य पदार्थों के 2,051 नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए।

इनमें 834 कानूनी कार्रवाई से संबंधित नमूने और 1,212 सर्विलांस नमूने शामिल बताए गए हैं। विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए नियमित निरीक्षण और नमूना संग्रहण की कार्रवाई की गई।

20 मामलों में दोष सिद्ध, 50 लाख रुपये का जुर्माना

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, इसी छह महीने की अवधि में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़े 38 मामले न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। इनमें से 20 मामलों में फैसला सुनाया गया। इन मामलों में दोष सिद्ध होने के बाद कुल 50 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

दीपावली तक जारी रहेगा जांच अभियान

त्योहार के दौरान मिठाई, मावा, घी और नमकीन की मांग बढ़ने के कारण खाद्य सुरक्षा विभाग ने निरीक्षण अभियान जारी रखा है। अधिकारियों के अनुसार, लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यदि किसी प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का जोर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने पर है।

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