अंबिकापुर: क्रिप्टोकरेंसी और ऑनलाइन शेयर मार्केट में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 10 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में मणीपुर पुलिस ने फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और एक नोटबुक भी जब्त की है। इस मामले में पुलिस पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी है।

पुलिस के मुताबिक थाना मणीपुर में इन्दरपुर निवासी विद्याचरण राव ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि गांव के त्रिपाल टोप्पो ने ऑनलाइन शेयर मार्केट में फायदा होने की बात कहकर उसे इस निवेश योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उसकी मुलाकात उदयपुर निवासी राजकुमार पैकरा से हुई। राजकुमार ने Bitget Wallet (LGNS) क्रिप्टो ऐप में निवेश करने पर रकम बढ़ने का लालच दिया।19 जुलाई 2026 को प्रार्थी को होटल फिल आनंदम में शेयर मार्केट की ट्रेनिंग के नाम पर बुलाया गया। यहां कांता प्रसाद राजवाड़े द्वारा लैपटॉप और प्रोजेक्टर के माध्यम से करीब 10-12 लोगों को कथित क्रिप्टो निवेश के बारे में जानकारी दी जा रही थी। आरोपियों ने 12 लेवल तक पहुंचने पर लगातार पैसा मिलने और निवेश की रकम एक साल में बढ़कर करीब एक लाख रुपये होने का झांसा दिया। इसी दौरान राजकुमार पैकरा ने प्रार्थी से 10 हजार रुपये नगद ले लिए।शिकायत के आधार पर थाना मणीपुर में अपराध क्रमांक 132/26 के तहत धारा 318(4), 61(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने कांता प्रसाद राजवाड़े, राजकुमार पैकरा, जीवन साय टोप्पो, फिरोज लकड़ा और मुकेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा था।जांच के दौरान फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस ने त्रिपाल टोप्पो उर्फ गुलाब को पकड़कर पूछताछ की। आरोपी की पहचान 53 वर्षीय त्रिपाल टोप्पो निवासी इन्दरपुर, थाना दरिमा के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी द्वारा कथित क्रिप्टो निवेश योजना के प्रचार-प्रसार और इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल के संबंध में जानकारी दी गई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन और नोटबुक जब्त की है।पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के प्रचार-प्रसार की जानकारी छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ देश के दूसरे राज्यों में भी सामने आई है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

सरगुजा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अधिक मुनाफे के लालच में किसी अनजान या संदिग्ध ऐप के जरिए निवेश न करें। ऑनलाइन निवेश से पहले ऐप और कंपनी की विश्वसनीयता की जांच करें, अन्यथा साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं।

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