अंबिकापुर: सरगुजा जिले के अंबिकापुर में एक निजी स्कूल की मनमानी सामने आई है, जहां एक 4 वर्षीय मासूम बच्चे को केवल इसलिए प्रवेश देने से मना कर दिया गया क्योंकि वह हिन्दी के बजाय स्थानीय सरगुजिहा भाषा में बात करता है। इस मामले के सामने आते ही जिला शिक्षा अधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी नोटिस में बताया गया है कि “स्वरंग किड्स एकेडमी” प्रबंधन पर आरोप है कि उन्होंने बच्चे के पिता से यह कहते हुए प्रवेश से इंकार कर दिया कि विद्यालय में बड़े घरों के बच्चे पढ़ते हैं और शिक्षक सरगुजिहा भाषा नहीं समझ पाते। इस टिप्पणी से न केवल अभिभावक बल्कि मासूम बच्चे को भी मानसिक आघात पहुंचा है।

प्रशासन ने इस कृत्य को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के खिलाफ माना है, जिसमें मातृभाषा और स्थानीय भाषा में शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही गई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे अपनी मान्यता संबंधी दस्तावेजों के साथ उसी दिन शाम 5 बजे उपस्थित होकर अपना पक्ष स्पष्ट करें।नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विद्यालय की मान्यता रद्द कर स्थायी रूप से बंद करने की कार्रवाई की जा सकती है।

इस पूरे मामले की जानकारी कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और संयुक्त संचालक लोक शिक्षण को भी भेज दी गई है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई तेज हो सकती है। इस घटना के बाद शिक्षा व्यवस्था और निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

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