बलरामपुर: कलेक्टर  चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ  नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले ने जल संरक्षण एवं भूजल प्रबंधन के क्षेत्र में  उपलब्धि हासिल की है। जलदूत ऐप के माध्यम से प्री-मानसून 2026 के लिए खुले कुओं के जल स्तर की शत-प्रतिशत एंट्री पूर्ण कर जिले ने राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।जलदूत ऐप के माध्यम से प्रतिवर्ष मानसून पूर्व एवं मानसून पश्चात खुले कुओं के जल स्तर का आकलन किया जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल की वास्तविक स्थिति का आकलन कर जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाती है। जिले में निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी जनपदों में शत-प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित की गई, जिसके परिणामस्वरूप बलरामपुर जिले को राज्य स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।

इस उपलब्धि के लिए जिले के तकनीकी सहायकों, ग्राम रोजगार सहायकों एवं मैदानी अमले को पूर्व में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। 21 मई तक सभी संबंधित कर्मचारियों को नए प्रावधानों एवं ऐप संचालन संबंधी आवश्यक जानकारी से अवगत कराया गया, जिससे कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सका।जिले में वर्ष 2024 से 2025 के बीच प्री-मानसून भूजल स्तर में 0.61 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है, जो जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है।

कलेक्टर  चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में संचालित मोर गांव मोर पानी अभियान तथा जन सहयोग से निर्मित सोखता गड्ढों ने भूजल पुनर्भरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान में जिले में वाटरशेड आधारित विकास की परिकल्पना को तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य  है कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देकर भूजल स्तर में निरंतर सुधार सुनिश्चित करना है, ताकि आने वाले वर्षों में जिले को जल समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

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