

MP News: कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने सोमवार को केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली, कृषि नीतियों और व्यापार समझौतों को लेकर जमकर हमला बोला. नटराजन ने कहा कि सरकार की नीतियों से युवाओं और किसानों का भविष्य प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में उनका नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ कांग्रेस 45 दिन की कानूनी अवधि के भीतर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी.
‘सरकार ने युवाओं का भविष्य खतरे में डाला’
भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में नटराजन ने कहा कि नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में केंद्रीकृत परीक्षा व्यवस्था के कारण ऐसी समस्याएं बढ़ी हैं और राज्यों को अपनी परिस्थितियों के अनुरूप परीक्षाएं आयोजित करने का अधिकार मिलना चाहिए.
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी के राष्ट्रव्यापी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित करेगी. इसके तहत 14 और 15 जुलाई को इंदौर से भोपाल तक साइकिल यात्रा निकाली जाएगी, जबकि नौ अगस्त को राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होगा.
केंद्र की व्यापार नीतियों की आलोचना की
नटराजन ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और आयात शुल्क में कमी को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे किसानों के हित प्रभावित होंगे तथा दलहन एवं अन्य कृषि उपज के संबंध में सरकार को स्पष्ट नीति सामने रखनी चाहिए. उन्होंने मूंग खरीद कोटा बढ़ाने और किसानों को पर्याप्त संरक्षण देने की मांग की.
मुख्यमंत्री के परिवार की भूमि संबंधी संपत्तियों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि भूमि स्वामित्व में वृद्धि को लेकर पारदर्शिता नहीं है. साथ ही उन्होंने राम मंदिर में कथित चोरी की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची.
45 दिन के अंदर हाई कोर्ट में चुनाव याचिका लगाएंगे
राज्यसभा चुनाव में अपना नामांकन निरस्त किए जाने के मुद्दे पर नटराजन ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया 11 जून को पूरी हुई थी, और कानून के तहत 45 दिन के भीतर चुनाव याचिका दायर की जा सकती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगी.











