

बलरामपुर/राजपुर। राजपुर वन परिक्षेत्र के उप परिक्षेत्र बरियों, परिसर रेवतपुर के वन कक्ष क्रमांक पी 2556 अंतर्गत नवापारा गांव में शुक्रवार रात को जंगली हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को दहला दिया।वन विभाग ने मौके पर पहुंच कर तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की।
वन विभाग के अनुसार, पिछले तीन से चार माह से चार जंगली हाथियों का दल राजपुर वन परिक्षेत्र में विचरण कर रहा है। शुक्रवार रात दल से बिछड़ा एक हाथी महुआ की गंध से आकर्षित होकर बालमसाय टेकाम के घर के पीछे पहुंच गया और मकान का पिछला हिस्सा तोड़ने लगा। घर के भीतर परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे। इसी दौरान बालमसाय टेकाम घर से बाहर निकलकर सड़क की ओर भागे, लेकिन तेज बारिश और अंधेरे के बीच करीब 150 मीटर दूर हाथी ने उन्हें पकड़ लिया और गंभीर रूप से घायल कर दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हाथी वापस जंगल की ओर चला गया।

सूचना मिलते ही वन विभाग, हाथी मित्र दल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की, जबकि वन विभाग ने वन्य प्राणी क्षति प्रकरण दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।वन विभाग ने मृतक की पत्नी नगमतिया बाई को तत्काल सहायता के रूप में 25 हजार रुपये प्रदान किए हैं। विभाग ने बताया कि नियमानुसार शेष 5 लाख 75 हजार रुपये की मुआवजा राशि भी जल्द प्रदान की जाएगी।
वन विभाग ने बताया कि क्षेत्र में पके आम, कटहल और महुआ की गंध के कारण जंगली हाथी लगातार आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुंच रहे हैं। हाथी मित्र दल और वन अमला प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी कर रहा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि हाथी दिखाई देने पर उसके पास न जाएं, भीड़ न लगाएं और तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।











