

Rajasthan News: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में महात्मा गांधी चिकित्सालय में चार प्रसूताओं समेत पांच महिलाओं की मौत के मामले ने भावनात्मक मोड़ ले लिया है। कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवारों और समाज के लोगों ने इस बार प्रशासन के बजाय भगवान के दरबार में न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने श्री चारभुजा नाथ बड़े मंदिर पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई और दोषियों के खिलाफ न्याय की प्रार्थना की।
अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि अस्पताल की कथित लापरवाही के कारण महिलाओं की जान गई, लेकिन अब तक जिम्मेदार डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि अस्पताल की कार्यप्रणाली में आज भी कोई बदलाव नहीं आया है और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही जारी है।
भीमगंज थाने से मंदिर तक निकली न्याय पदयात्रा
घटना के विरोध में भीमगंज थाने से श्री चारभुजा नाथ बड़े मंदिर तक एक विशाल न्याय पदयात्रा निकाली गई। इसमें पीड़ित परिवारों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी हिस्सा लिया। गुलमंडी बाजार से गुजरते हुए प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
मंदिर पहुंचने के बाद परिजनों ने भगवान के समक्ष अपना ज्ञापन पढ़कर सुनाया और न्याय दिलाने की प्रार्थना की।
'अब किसी और परिवार के साथ ऐसा न हो'
पीड़ित परिवारों ने कहा कि वे लगातार प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें कहीं से भी न्याय की उम्मीद नहीं दिखाई दी। उनका कहना है कि अब उनका उद्देश्य केवल अपने परिवार के लिए न्याय मांगना नहीं, बल्कि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा से बचाना भी है।
परिजनों ने विश्वास जताया कि भगवान के दरबार में की गई उनकी प्रार्थना अवश्य सुनी जाएगी और दोषियों को उनके कृत्यों की सजा मिलेगी।
चारभुजा नाथ मंदिर से जुड़ी है गहरी आस्था
भीलवाड़ा का श्री चारभुजा नाथ बड़ा मंदिर लगभग 450 वर्ष पुराना धार्मिक स्थल है। भगवान विष्णु के चारभुजा स्वरूप को समर्पित इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना और न्याय की पुकार कभी व्यर्थ नहीं जाती। इसी विश्वास के साथ पीड़ित परिवार भगवान के दरबार में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे।











