भोपाल: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में प्रशासनिक कार्रवाईयों को लेकर सियासी माहौल गर्माता जा रहा है। नवागत कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी की लगातार सख्त कार्यशैली और औचक निरीक्षणों के बीच अब कांग्रेस के सेमरिया विधायक अभय मिश्रा खुलकर उनके समर्थन में सामने आए हैं। विधायक के बयान के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

विधायक अभय मिश्रा ने कहा कि कलेक्टर की कार्रवाई से वही लोग परेशान हैं, जिन पर लंबे समय से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कथित घोटालों से जुड़ी कई फाइलें उनके पास मौजूद हैं और जरूरत पड़ने पर मामलों का खुलासा किया जाएगा।

उन्होंने कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय बाद रीवा को ऐसा अधिकारी मिला है जो सिर्फ दफ्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि खुद मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं की जांच कर रहा है। मंडी, छात्रावास, शासकीय कार्यालयों और अन्य संस्थानों में लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं, जिससे कई विभागों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

सूत्रों के अनुसार कलेक्टर की सख्ती के चलते अधिकारियों और कर्मचारियों पर समय पर कार्यालय पहुंचने, रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने और कार्यप्रणाली सुधारने का दबाव बढ़ा है। अचानक निरीक्षणों के दौरान कई जगहों पर अव्यवस्थाएं भी सामने आई हैं।

इधर कर्मचारियों के एक वर्ग द्वारा विरोध की चर्चाओं के बीच विधायक अभय मिश्रा का खुला समर्थन प्रशासन के लिए बड़ी राजनीतिक मजबूती माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा जिले की प्रशासनिक और राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

रीवा में अब चर्चा सिर्फ कार्रवाई की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की भी हो रही है जिस पर वर्षों से सवाल उठते रहे हैं। जनता की नजर अब इस बात पर टिकी है कि कथित घोटालों से जुड़ी फाइलों का सच कब सामने आएगा।

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