

नई दिल्ली। नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन को अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) का समर्थन भी मिल गया है। पार्टी प्रमुख शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले ने धरना स्थल पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को भी उचित बताया।
उधर, प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी दलों और आम जनता से छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए और लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
शरद पवार ने सरकार को घेरा
जंतर-मंतर का दौरा करने के बाद शरद पवार ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर भूख हड़ताल और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनके साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि धरना स्थल पर पहुंचकर उन्होंने छात्रों से बातचीत की, आंदोलन के दौरान घायल हुए लोगों का हाल जाना और उनकी समस्याओं को विस्तार से समझा। शरद पवार ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नागरिकों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए।
मुंबई में भी हुआ विरोध प्रदर्शन
दिल्ली की घटनाओं के विरोध में मुंबई में भी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। मुंबई विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने युवा इकाई के नेतृत्व में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
इस आंदोलन का नेतृत्व युवा प्रदेश अध्यक्ष महबूब शेख, छात्र विंग के प्रदेश अध्यक्ष सुनील गव्हाणे और मुंबई ओबीसी सेल के अध्यक्ष सचिन नारकर ने किया। पार्टी नेताओं ने छात्रों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
छात्रों के भविष्य को लेकर जताई चिंता
पार्टी ने अपने बयान में कहा कि नीट पेपर लीक के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। बयान में दावा किया गया कि इस पूरे घटनाक्रम ने छात्रों को गहरी मानसिक पीड़ा पहुंचाई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय केंद्र सरकार ने आंदोलनरत छात्रों और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के प्रति कठोर रवैया अपनाया है।
राहुल गांधी ने की व्यापक समर्थन की अपील
वहीं, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर जारी प्रदर्शन के दौरान विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से अपील की कि वे छात्रों के समर्थन में आगे आएं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है, जिस पर सभी को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।











