

जशपुर: जशपुर जिले के कांसाबेल थाना क्षेत्र में दर्ज एक सनसनीखेज पॉक्सो प्रकरण में अपनी ही 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म करने वाले आरोपी पिता को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जशपुर पुलिस की त्वरित विवेचना और प्रभावी अभियोजन के चलते मामले में कम समय में न्याय सुनिश्चित हुआ। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) एवं विशेष न्यायालय (पॉक्सो), जशपुर के न्यायाधीश जनार्दन खरे ने सुनाया।
पुलिस के अनुसार, 2 मई 2026 को पीड़िता की मां ने थाना कांसाबेल में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका पति पिछले तीन वर्षों से अपनी ही नाबालिग पुत्री के साथ लगातार दुष्कर्म कर रहा था। शिकायत के आधार पर आरोपी कलेश्वर राम विश्वकर्मा (42) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2), 296, 351(2), 115(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में थाना कांसाबेल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसका चिकित्सीय परीक्षण, न्यायालयीन बयान और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। आरोपी को घटना के दिन ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया तथा महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए। बाद में 17 जून 2026 को न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।
थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार ताम्रकार ने मामले की विवेचना संवेदनशीलता और पेशेवर दक्षता के साथ पूरी की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार तिर्की ने प्रभावी पैरवी करते हुए अभियोजन का पक्ष मजबूती से रखा, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में जशपुर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, समयबद्ध विवेचना और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों को कठोरतम सजा दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जशपुर पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध और सजग है।











