झारखंड : JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के 17वें दिन डुमरी विधायक और JLKM प्रमुख जयराम महतो ने छात्रों के समर्थन में एक दिन का निर्जला उपवास रखा। उन्होंने सरकार से अभ्यर्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकालने की अपील की।

छात्रों के साथ खड़े हुए जयराम महतो

रांची स्थित पुराने विधानसभा परिसर में उपवास पर बैठे जयराम महतो ने कहा कि छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, इसलिए सरकार को अब ठोस फैसला लेना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि यदि 10 अगस्त को छात्र विधानसभा मार्च निकालते हैं, तो वह स्वयं उसमें शामिल होंगे। साथ ही उनकी पार्टी ने भी इस आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है।

सरकार और छात्रों के बीच तीसरे दौर की वार्ता

इधर, आंदोलन का समाधान निकालने के लिए सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का तीसरा दौर प्रस्तावित है। सरकार की ओर से चार मंत्री वार्ता में शामिल होंगे, जबकि छात्रों की तरफ से सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगें रखेगा।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC परीक्षा और JSSC CGL परीक्षा को रद्द करना तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराना शामिल है।

17वें दिन भी जारी रहा आंदोलन

छात्रों का आंदोलन अब 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है। प्रदर्शनकारी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव किया जाएगा।

अनशनकारी छात्र नेता की बिगड़ी तबीयत

आंदोलन के दौरान अनशन पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो की तबीयत बिगड़ने की खबर भी सामने आई है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है और उन्हें सलाइन चढ़ाई जा रही है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए आंदोलन स्थल पर भी चिंता का माहौल बना हुआ है।

वार्ता के नतीजे पर टिकी सभी की नजर

सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली तीसरे दौर की बातचीत को बेहद अहम माना जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वार्ता से कोई सहमति बनती है या फिर छात्रों का आंदोलन और अधिक व्यापक रूप लेता है। 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च को लेकर भी प्रशासन और राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

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