

उत्तर प्रदेश : बुधवार शाम आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज हवाओं, बारिश और आकाशीय बिजली के कहर से राज्य के कई जिलों में भारी नुकसान हुआ है। अब तक कुल 89 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।
प्रयागराज सबसे ज्यादा प्रभावित, 17 लोगों की मौत से मातम
तूफान का सबसे ज्यादा असर प्रयागराज में देखने को मिला, जहां 17 लोगों की जान चली गई। तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए, मकान गिर गए और बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
भदोही में 15 मौतें, परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
भदोही में भी हालात बेहद भयावह रहे। यहां अलग-अलग घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। अचानक आए तूफान ने ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचाई, जहां मकानों पर पेड़ गिरने से कई परिवार उजड़ गए।
मिर्जापुर में 10 मौतें, कई तहसीलों में नुकसान
मिर्जापुर जिले में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सदर और चुनार तहसील में अलग-अलग हादसों में लोग जान गंवा बैठे। जगह-जगह पेड़, दीवारें और बिजली के खंभे गिरने से हालात और खराब हो गए।
कई जिलों में फैला कहर, दर्जनों परिवार प्रभावित
फतेहपुर, प्रतापगढ़, देवरिया, हरदोई, कानपुर देहात और कौशांबी जैसे जिलों में भी भारी नुकसान हुआ है। कई जगह कच्चे मकान ढह गए और लोग मलबे में दब गए। बिजली गिरने की घटनाओं ने भी कई जानें ले लीं।
सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश, 24 घंटे में राहत और मुआवजे का आदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत दी जाए और 24 घंटे के भीतर मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करने के भी आदेश दिए हैं।
तबाही के बाद राहत की चुनौती, प्रशासन अलर्ट मोड पर
राज्यभर में प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है। बिजली और सड़क व्यवस्था को बहाल करने की कोशिशें जारी हैं, जबकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। हालात धीरे-धीरे सामान्य करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन तबाही का असर अभी भी कई इलाकों में साफ दिख रहा है।





















