रायपुर: छत्तीसगढ़ के विद्यालयी शिक्षकों की शैक्षणिक गुणवत्ता और कौशल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आईआईटी भिलाई में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। समग्र शिक्षा के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के 400 शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और कौशल आधारित शिक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

एक महीने तक चलेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार से शुरू हुआ। इसके लिए 400 शिक्षकों को आठ बैचों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक बैच को तीन दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस तरह पूरा कार्यक्रम लगभग एक महीने तक संचालित होगा।

शिक्षण दक्षता और कौशल आधारित शिक्षा पर रहेगा फोकस

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों की शिक्षण क्षमता को मजबूत करना, कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना और मूल्यपरक शिक्षा के जरिए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों, नवाचार और छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षण

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत विद्यार्थियों को कौशल आधारित और तकनीक से जुड़ी शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें सही दिशा दे सकें और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर सकें।

'शिक्षक समाज को दिशा देने वाले दीपक'

प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक डॉ. महबूब आलम ने कहा कि शिक्षक दीपक की तरह होते हैं, जो स्वयं समर्पित होकर विद्यार्थियों के जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर करते हैं। वहीं डॉ. ध्रुव प्रताप सिंह ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि महान व्यक्तित्व भी अपने शिक्षकों के योगदान को हमेशा सम्मानपूर्वक याद करते रहे हैं, जो शिक्षा और शिक्षक की महत्ता को दर्शाता है।

राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम

आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने शिक्षकों से कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और नैतिक मूल्यों पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का दायित्व केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण और बेहतर नागरिक बनने की सोच विकसित करना भी है।

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