दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर दिल्ली में राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर इस प्रक्रिया को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्षी दलों से सवाल किया कि जब चुनाव आयोग पहले भी कई बार मतदाता सूची का पुनरीक्षण करा चुका है, तब इस पर आपत्ति अब क्यों जताई जा रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विपक्षी दल चुनावी हार के बाद इस मुद्दे को उठाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

2002 के एसआईआर का हवाला देकर कांग्रेस पर साधा निशाना

रेखा गुप्ता ने कहा कि चुनाव आयोग ने अलग-अलग समय पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी कराई है। उस दौरान केंद्र या राज्य में किस दल की सरकार थी, इससे प्रक्रिया पर कोई फर्क नहीं पड़ा।दिल्ली का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राजधानी में पिछला एसआईआर वर्ष 2002 में हुआ था, जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि यह प्रक्रिया गलत है, तो उस समय पार्टी ने इसका विरोध क्यों नहीं किया।उन्होंने आम आदमी पार्टी के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए यह भी पूछा कि पार्टी वर्ष 2015 के बाद से दिल्ली विधानसभा में एक भी सीट जीतने में क्यों सफल नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आप ने सत्ता में रहते हुए मतदाता सूची में संशोधन के बाद राजनीतिक लाभ उठाया, लेकिन चुनाव हारने के बाद उसी प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगी।

विपक्षी प्रदर्शनों से कारोबार प्रभावित होने का आरोप

दिल्ली में एसआईआर के खिलाफ विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन गतिविधियों से व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को परेशानी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनों के कारण आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और हजारों करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका है।रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का विरोध करने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, विपक्षी दलों को इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताने के बजाय अपने सवालों और आशंकाओं को उचित मंच पर उठाना चाहिए।

पंजाब की कानून-व्यवस्था पर भी AAP को घेरा

मुख्यमंत्री ने पंजाब में नशीले पदार्थों के नेटवर्क और कानून-व्यवस्था की स्थिति का मुद्दा उठाते हुए आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने मंगलवार को हुई एक हत्या का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि विपक्षी नेता पंजाब में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे हैं।रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में विरोध करने वाले नेताओं को पंजाब में भी ऐसी घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अलग-अलग राज्यों में मुद्दों को अपने राजनीतिक हितों के अनुसार उठाते हैं।

कांग्रेस और विपक्षी दलों की मंशा पर उठाए सवाल

रेखा गुप्ता ने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य सत्ता में वापसी करना है और उसका नेतृत्व गांधी परिवार तक सीमित रखने की सोच हावी है।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल इन उपलब्धियों से असहज हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी ताकतें विदेश में भारत विरोधी तत्वों के साथ मिलकर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में मुख्यमंत्री ने अपने बयान में विस्तृत प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए।

सीजेपी की भूमिका पर भी उठाया सवाल

मुख्यमंत्री ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यह संगठन दूसरे राज्यों, विशेषकर पंजाब में सामने आ रहे मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं करता।एसआईआर को लेकर रेखा गुप्ता के बयान ने दिल्ली में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। जहां मुख्यमंत्री ने पुनरीक्षण प्रक्रिया के विरोध को राजनीतिक रणनीति बताया, वहीं इस मुद्दे पर विपक्ष की आपत्तियों और उनके आधार को समझने के लिए संबंधित पक्षों के तर्कों तथा चुनाव आयोग की प्रक्रिया का स्वतंत्र आकलन जरूरी है।

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