

पटना: बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जेडीयू नेता नीतीश कुमार, एलजेपी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ अब बिहार सरकार पूर्ण कैबिनेट के साथ काम करेगी। इससे पहले 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने सीमित दायरे में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
इस विस्तार की सबसे बड़ी चर्चा जेडीयू नेता निशांत कुमार के मंत्री पद की शपथ को लेकर रही। राजनीति में सक्रिय होने के बाद पहली बार उन्हें कैबिनेट में शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि उनके नाम पर नीतीश कुमार की सहमति के बाद पार्टी नेतृत्व ने उन्हें मंत्री बनाने का फैसला लिया।
बीजेपी कोटे से विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, रामकृपाल यादव, नीतीश मिश्रा, मिथलेश तिवारी, केदार गुप्ता, रमा निषाद, प्रमोद चंद्रवंशी, लखेंद्र पासवान, संजय टाइगर, शैलेंद्र कुमार, रामचंद्र प्रसाद, नंदकिशोर राम, श्रेयसी सिंह और अरुण शंकर प्रसाद को मंत्री बनाया गया।
वहीं जेडीयू कोटे से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, जमा खान, सुनील कुमार, शीला मंडल, रत्नेश सदा, बुलो मंडल, भगवान सिंह कुशवाहा, दामोदर रावत, निशांत कुमार और श्वेता गुप्ता ने शपथ ली।
एलजेपी (रामविलास) से संजय पासवान और संजय सिंह को मंत्रिमंडल में जगह मिली, जबकि HAM से संतोष सुमन और RLM से दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया।
मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश साफ दिखाई दी। एनडीए ने पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित, सवर्ण और महिला प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए नेताओं को शामिल किया है।





















