

Sunderja Mango : केवल रीवा या मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रहा। अपनी अनोखी मिठास, बेहतरीन स्वाद और खास खुशबू के दम पर यह आम देश के साथ-साथ विदेशों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। रीवा का यह प्रसिद्ध आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी अलग पहचान बना चुका है।
जीआई टैग मिलने के बाद और बढ़ी पहचान
Rewa के सुंदरजा आम को जीआई टैग मिल चुका है, जिससे इसकी विशिष्टता को आधिकारिक मान्यता मिली है। रीवा स्थित फल अनुसंधान केंद्र में आम की सैकड़ों प्रजातियों पर शोध किया जाता है, लेकिन सुंदरजा अपनी अलग खूबियों के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
बिना रेशों वाला आम, मिठास में सबसे अलग
सुंदरजा आम की सबसे बड़ी खासियत इसका रेशारहित गूदा और प्राकृतिक मिठास है। इसकी सुगंध इतनी प्रभावशाली होती है कि इसे केवल खुशबू से भी पहचाना जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका स्वाद अन्य आमों की तुलना में काफी अलग और आकर्षक माना जाता है।
राजघरानों की पसंद से वैश्विक बाजार तक का सफर
कभी गोविंदगढ़ किले के बागानों तक सीमित रहने वाला यह आम रियासतकाल में राजपरिवारों की पहली पसंद हुआ करता था। समय के साथ इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई और अब दिल्ली, मुंबई, गुजरात, छत्तीसगढ़ सहित देश के कई हिस्सों से इसकी मांग आती है। विदेशों में भी इसकी पहुंच लगातार बढ़ रही है।
फ्रांस, अमेरिका और खाड़ी देशों में बढ़ी मांग
सुंदरजा आम की मांग फ्रांस, इंग्लैंड, अमेरिका और कई अरब देशों तक पहुंच चुकी है। विदेशी बाजारों में इसकी गुणवत्ता और स्वाद को लेकर विशेष रुचि दिखाई जा रही है। यही वजह है कि इसकी एडवांस बुकिंग महीनों पहले शुरू हो जाती है।
बगीचों की कीमतों में भी आया बड़ा उछाल
जैसे-जैसे सुंदरजा आम की लोकप्रियता बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसके बगीचों की नीलामी कीमत भी बढ़ती जा रही है। कभी लाखों में होने वाली बोली अब कई गुना बढ़ चुकी है। उत्पादकों का कहना है कि मांग इतनी अधिक है कि उसे पूरा करना चुनौती बनता जा रहा है।
अबू धाबी के लिए रवाना होगी बड़ी खेप
इस वर्ष सुंदरजा आम की बड़ी खेप Abu Dhabi भेजी जा रही है, जिसकी अग्रिम बुकिंग पहले ही हो चुकी है। यह उपलब्धि रीवा के किसानों और बागवानों के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
मिट्टी और मौसम का अनोखा संगम बनाता है खास
वैज्ञानिकों का मानना है कि गोविंदगढ़ क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु सुंदरजा आम को विशेष स्वाद और खुशबू प्रदान करती है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में उगने वाले सुंदरजा की गुणवत्ता अन्य स्थानों की तुलना में अधिक उत्कृष्ट मानी जाती है।
रीवा की पहचान बन चुका है सुंदरजा
आज सुंदरजा आम केवल एक फल नहीं, बल्कि रीवा की सांस्कृतिक और कृषि विरासत का प्रतीक बन चुका है। देश से लेकर विदेश तक इसकी बढ़ती लोकप्रियता यह साबित कर रही है कि स्थानीय उत्पाद भी वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।





















