रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार के पशु चिकित्सा विभाग की त्वरित कार्रवाई से रायपुर के एक गरीब परिवार की बकरी और उसके तीन नवजात मेमनों की जान बच गई। रायपुर के टांटीबन्द क्षेत्र की निवासी  भागा ध्रुव की बकरी 24 घंटे से प्रसव पीड़ा में थी। सामान्य प्रसव संभव न होने पर वह ऑटो से बकरी को जिला पशु चिकित्सालय, बैरनबाजार लेकर पहुंचीं। जांच में पता चला कि गर्भाशय मार्ग में रुकावट के कारण सामान्य डिलीवरी संभव नहीं है।

संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाओं के मार्गदर्शन में डॉक्टरों की टीम ने तत्काल सिजेरियन ऑपरेशन का निर्णय लिया। जिला पशु चिकित्सालय के डॉ. किरण चौधरी, डॉ. पदम् जैन, डॉ. देवप्रभा और वेटनरी कॉलेज अंजोरा, दुर्ग के पांच इंटर्न की टीम ने ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

तीनों मेमने पूरी तरह स्वस्थ हैं। श्रीमती भागा, जो बकरी पालन के साथ घरों में काम कर जीवन यापन करती हैं। उन्होंने बताया कि उनके अपने संतान नहीं है, इसलिए वह बकरियों को बच्चों की तरह पालती हैं। इस सफल ऑपरेशन के बाद अब उनके पास कुल 10 बकरियां हो गई हैं।
पशु चिकित्सालय ने ऑपरेशन के बाद पशुपालक को आवश्यक सावधानियों की सलाह भी दी। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल को पशुपालन क्षेत्र में त्वरित और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं का उदाहरण माना जा रहा है।

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