
भोपाल: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासत तेज हो गई है। मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए उनके विरोध के तरीके पर सवाल उठाए हैं। मंत्री ने कहा कि संविधान की बात करने वालों को उसके नियमों और मर्यादाओं का भी पालन करना चाहिए।
राकेश सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करना कानून का उल्लंघन है। उनके मुताबिक, संवैधानिक मूल्यों की बात करने वाले नेताओं के आचरण में भी इसकी झलक दिखनी चाहिए।
राकेश सिंह ने कांग्रेस पर साधा निशाना
मंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि उनकी कथनी और करनी के बीच का अंतर अब सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान की प्रति हाथ में लेकर प्रदर्शन करना आसान है, लेकिन उसकी मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
राकेश सिंह ने चुनाव आयोग के मुद्दे पर कांग्रेस की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति नियमों से ऊपर नहीं है और कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है।
राहुल और प्रियंका के खिलाफ FIR का मामला
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन लगातार चर्चा में है। खबर के मुताबिक, आकाशवाणी परिसर में प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
आरोप है कि बिना अनुमति परिसर में प्रवेश करने के मामले में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद जंतर-मंतर की ओर प्रदर्शन के लिए जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित होने और पुलिसकर्मियों के साथ कथित धक्का-मुक्की किए जाने को लेकर भी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
FIR पर राहुल गांधी का जवाब
एफआईआर दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि वह पुलिस कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं और कानूनी कार्रवाई उन्हें अपने रुख से पीछे नहीं हटाएगी।
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि यदि उनके खिलाफ 100 एफआईआर भी दर्ज हो जाएं, तब भी वह पीछे नहीं हटेंगे। उनका यह बयान कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच सामने आया है।
कांग्रेस ने बताया लोकतांत्रिक विरोध
कांग्रेस का कहना है कि वह चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रही है। पार्टी के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन उसका संवैधानिक अधिकार है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है।




















