
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। मंगलवार को शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र की ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी। यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है।राहुल गांधी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ जारी समन को रद्द करने की मांग खारिज कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता एमएच श्रीश्रीमल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हालांकि, अदालत का यह आदेश फिलहाल मुकदमे की सुनवाई पर रोक तक सीमित है। मानहानि के आरोपों पर अभी अंतिम फैसला नहीं आया है।
ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर लगी रोक
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र की निचली अदालत में जारी कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश दिया। अदालत ने महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता एमएच श्रीश्रीमल से इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है।
राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए। उनकी याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट के 8 सितंबर के आदेश को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ जारी समन को रद्द करने से इनकार कर दिया था।इससे पहले हाईकोर्ट ने गिरगांव की मजिस्ट्रेट अदालत के 28 अगस्त 2019 के आदेश को बरकरार रखा था। उस आदेश के बाद राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत पर कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ने का रास्ता खुला था। हाईकोर्ट ने अपने 2021 के निर्देश को भी जारी रखा था, जिसके तहत मजिस्ट्रेट अदालत को शिकायत पर सुनवाई छह सप्ताह के लिए टालने को कहा गया था।
2018 की टिप्पणी से शुरू हुआ था विवाद
यह मामला 20 सितंबर 2018 को राजस्थान में आयोजित एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर राहुल गांधी की कथित टिप्पणी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता एमएच श्रीश्रीमल ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी के बयान से प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया था कि टिप्पणियां केवल प्रधानमंत्री तक सीमित नहीं थीं, बल्कि उनसे भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों की छवि भी प्रभावित हुई। श्रीश्रीमल ने अपनी शिकायत में कहा था कि वह बीजेपी के सदस्य हैं और इन बयानों से उन्हें ठेस पहुंची।ये शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इन्हें अदालत द्वारा सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती
शिकायत पर सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने कानूनी आधार पर राहत मांगी थी। हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जारी समन रद्द करने से इनकार कर दिया। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।अब शीर्ष अदालत महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता के जवाबों पर विचार करेगी। आगे की सुनवाई में यह देखा जाएगा कि राहुल गांधी की ओर से हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ उठाए गए कानूनी आधारों पर क्या निर्णय लिया जाता है।
अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र की ट्रायल कोर्ट में इस मामले की कार्यवाही फिलहाल रुकी रहेगी। महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी होने के बाद अगला चरण उनके जवाब और शीर्ष अदालत की आगे की सुनवाई से जुड़ा होगा।यह स्पष्ट करना जरूरी है कि कार्यवाही पर रोक लगना मानहानि के आरोपों से राहुल गांधी को बरी किए जाने के बराबर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मुकदमे की सुनवाई रोकी है। मामले के गुण-दोष और आरोपों पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।




















