बलरामपुर: जिले में विशेष रूप से विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के अंतर्गत आने वाले पहाड़ी कोरवा समुदाय के समग्र विकास एवं उनकी वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति के सटीक आकलन हेतु पीवीटीजी हाउसहोल्ड सर्वे का कार्य सर्वे सेतु एप के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने जानकारी दी है कि उक्त सर्वेक्षण कार्य के प्रभावी संचालन के लिए कलेक्टर  राजेन्द्र कटारा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति तथा जनपद स्तरीय समितियों का गठन किया गया है, जो संपूर्ण प्रक्रिया की सतत निगरानी एवं मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं। उन्होंने बताया की सर्वे हेतु जिले के चार विकासखंड बलरामपुर, कुसमी, राजपुर एवं शंकरगढ़ के सर्वेक्षकों का मास्टर टेªनर के द्वारा जनपद स्तरीय कार्यशाला आयोजित किया गया है, प्रशिक्षित सर्वेक्षकों के माध्यम से पूर्व में किए गए लगभग 5000 हाउसहोल्ड का सर्वे किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सर्वे का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी कोरवा समुदाय की बसाहटों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, आजीविका के साधनों, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा अन्य सामाजिक-आर्थिक पहलुओं से संबंधित अंतराल की पहचान करना है। जिसके पश्चात सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर समुदाय की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप लक्षित योजनाओं का प्रभावी एवं बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। जिससे पहाड़ी कोरवा समुदाय के जीवन स्तर में सुधार होगा साथ ही शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी वास्तविक हितग्राहियों तक पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से पहुँचाया जा सकेगा।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!