
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि पुणे में कुल 120 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइनें या तो पूरी हो चुकी हैं या निर्माणाधीन हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस विस्तार से पुणे शहरी गतिशीलता (अर्बन मोबिलिटी) के मामले में देश का एक मॉडल शहर बन जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करीब 21,800 करोड़ रुपये की पुणे मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन किया और कुछ नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
ग्रीन मेट्रो लाइन 3: खुद पैदा करेगी 30 प्रतिशत ऊर्जा
सीएम फडणवीस ने पुणे मेट्रो लाइन 3 (पिंक लाइन) की पर्यावरण-अनुकूल विशेषताओं पर जोर देते हुए कहा, “मुझे खुशी है कि एक ‘ग्रीन मेट्रो’ के रूप में यह मेट्रो अपनी ऊर्जा जरूरतों का 30 प्रतिशत हिस्सा खुद ही उत्पन्न करेगी। यह कई नए रिकॉर्ड भी बना रही है।” लगभग 23 किलोमीटर लंबी और 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली यह लाइन मान (Maan) को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन से जोड़ती है। यह हिंजेवाड़ी आईटी हब और शिवाजीनगर के बीच सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
हिंजेवाड़ी आईटी हब के लिए राहत की खबर
फडणवीस ने बताया कि हिंजेवाड़ी और आसपास के इलाकों को देश की ‘आईटी राजधानी’ माना जाता है। यहां रोजाना हजारों लोग आते-जाते हैं और ट्रैफिक जाम में एक से दो घंटे बर्बाद करते हैं। आईटी पेशेवर इस मेट्रो का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने न सिर्फ परियोजना को मंजूरी दी, बल्कि पूरी वायबिलिटी गैप फंडिंग भी उपलब्ध कराई। महाराष्ट्र सरकार ने जमीन अधिग्रहण का काम संभाला और आज परियोजना तैयार हो गई है।
फेज-2 का शिलान्यास, और विस्तार की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी ने पुणे मेट्रो के दूसरे चरण (फेज-2) की भी आधारशिला रखी। करीब 13,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना में लाइन 2A, 2B, 4 और 4A शामिल हैं। इसका मकसद शहर के मेट्रो नेटवर्क को और विस्तार देना तथा आवासीय, व्यावसायिक व आईटी केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करना है।
महाराष्ट्र बना मेट्रो का सबसे अग्रणी राज्य
मुख्यमंत्री फडणवीस ने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए कहा, “आपके नेतृत्व में पुणे में कुल 120 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइनें पूरी या निर्माणाधीन हैं। पूरे देश में महाराष्ट्र को मेट्रो विस्तार का सबसे ज्यादा फायदा मिला है। महाराष्ट्र देश का इकलौता ऐसा राज्य है जहां 12 नगर निगम क्षेत्रों में मेट्रो सेवाएं या तो चालू हैं या निर्माणाधीन हैं।” इस पूरे विस्तार से पुणे की ट्रैफिक समस्या काफी हद तक सुलझने और शहर की कार्यक्षमता बढ़ने की उम्मीद है।











