

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में गठित उच्चस्तरीय समिति की पहली बैठक शुक्रवार को हो रही है और सरकार का लक्ष्य आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में यूसीसी विधेयक पारित कराना है।
समिति ने शुरू किया काम
रायपुर से कर्नाटक रवाना होने से पहले स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व न्यायाधीश डॉ. रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति को यूसीसी का अध्ययन, सुझाव और मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। समिति की पहली बैठक के साथ ही इस प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो गई है।
कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन और विरोध जताने का अधिकार सभी को है, लेकिन यह शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार से कांग्रेस बौखला गई है और उसका रवैया लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
पेपर लीक पर प्रधानमंत्री के फैसले की सराहना
पेपर लीक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसलों का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उनके अनुसार, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और यह पहल छात्रों के हित में महत्वपूर्ण साबित होगी।
कर्नाटक दौरे में शामिल होंगे जन्मोत्सव कार्यक्रम में
मुख्यमंत्री ने बताया कि वह कर्नाटक के बेंगलुरु के निकट मुद्देनहल्ली स्थित सत्य साईं ग्राम में आयोजित मधुसूदन साईं के 47वें जन्मोत्सव समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने सत्य साईं ट्रस्ट की ओर से रायपुर में संचालित अस्पताल का भी उल्लेख किया, जहां 15 वर्ष तक के बच्चों को हृदय रोग का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
क्या है यूसीसी?
समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड ऐसा प्रस्तावित कानून है, जिसके तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति के बंटवारे और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी नागरिकों के लिए धर्म या समुदाय से इतर एक समान कानूनी व्यवस्था लागू होगी।











