प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक संस्कृत श्लोक साझा कर मां भगवती की परम शक्ति को नमन किया। नवरात्रि के पावन अवसर पर दिया गया यह संदेश सामूहिक कल्याण और विश्व शांति का आह्वान करता है।

श्लोक में छिपा शक्ति का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीदुर्गासप्तशती के चौथे अध्याय (शक्रादि स्तुति) से लिया गया यह श्लोक पोस्ट किया:

“देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूर्त्या।
तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः॥”

श्लोक का भावार्थ

इसका भावार्थ है कि जिस परम शक्ति से पूरा संसार संचालित होता है और जिसमें सभी देवताओं की शक्तियां समाहित हैं, उन मां अम्बिका को हम पूरी श्रद्धा से नमन करते हैं। देवता और महर्षि भी उनकी आराधना करते हैं। मां अंबिका हम सबका कल्याण करें। यह श्लोक उस समय का हिस्सा है जब देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था। तब इंद्र सहित सभी देवताओं ने भयमुक्त होकर भगवती की स्तुति की थी। इसे सामूहिक कल्याण, विश्व रक्षा और सुख-समृद्धि के लिए प्रभावी सिद्ध मंत्र माना जाता है।

नवरात्रि का दूसरा दिन और मां ब्रह्मचारिणी

सोमवार नवरात्रि का दूसरा दिन है। इस दिन मां के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। शांत, तेजस्वी और ज्योतिर्मय रूप में श्वेत वस्त्र धारण करने वाली मां ब्रह्मचारिणी के दाहिने हाथ में जपमाला और बाएं हाथ में कमंडल होता है। उन्हें तपश्चारिणी, अपर्णा और उमा भी कहा जाता है। इनकी आराधना से संयम, त्याग, वैराग्य, सदाचार और आत्मबल की वृद्धि होती है। प्रधानमंत्री मोदी का यह सुभाषित इन्हीं दिव्य भावों को रेखांकित करता है।पीएम मोदी का यह पोस्ट न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि सामूहिक शुभकामनाओं का संदेश भी देता है। 

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