बलरामपुर:  मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विकासखंड राजपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेवतपुर की स्टाफ नर्स  अपूर्वा सिंह भदौरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, सरगुजा संभाग ने मामला संज्ञान में आने के 48 घंटे के भीतर यह आदेश जारी किया।

20 अक्टूबर को एक प्रसूता प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची, लेकिन उस समय वहां स्टाफ उपस्थित नहीं था। मामला संज्ञान में आते ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने 21 अक्टूबर को खंड चिकित्सा अधिकारी, राजपुर से जांच प्रतिवेदन मांगा। उसी दिन हुए निरीक्षण में पाया गया कि मॉर्निंग ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स समय पर उपस्थित नहीं थीं। प्रभारी के फोन करने पर वे अस्पताल पहुंचीं और प्रसूता को भर्ती कर सुरक्षित प्रसव कराया। खंड चिकित्सा अधिकारी ने ग्राम कुंदीकला की प्रसूता  अनिता सिंह से स्वयं संपर्क किया। जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
जांच में संबंधित कर्मचारी प्रथम दृष्टया कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता की दोषी पाई गईं। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का उल्लंघन मानते हुए उन्हें निलंबित किया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर रहेगा। विभागीय जांच के लिए 10 दिनों के भीतर आरोप पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कलेक्टर  चंदन संजय त्रिपाठी ने दो टूक कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। यह निगरानी सीएमएचओ और बीएमओ के साथ एसडीएम तथा राजस्व अमला भी करेगा। कलेक्टर ने कहा कि जिले में कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे और आपातकालीन व मातृ-शिशु सेवाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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