
पंचांग : आज 14 जुलाई, 2026 मंगलवार, के दिन आषाढ़ महीने की अमावस्या तिथि है. इसे अंधकार का दिन कहा जाता है. माता काली इस दिन पर शासन करती है. ध्यान करने, लोगों को दान करने और जानवरों को खिलाने के साथ पूर्वजों की पूजा करने का ये एक सबसे अच्छा दिन है. इस दिन विवाह समारोह या कोई नई शुरुआत नहीं करनी चाहिए. बल्कि, नई शुरुआत के लिए चंद्रोदय की प्रतीक्षा करें.
14 जुलाई का पंचांग :
- विक्रम संवत : 2082
- मास : आषाढ़
- पक्ष : अमावस्या
- दिन : मंगलवार
- तिथि : अमावस्या
- योग : व्यघात
- नक्षत्र : पुनर्वसु
- करण : नाग
- चंद्र राशि : मिथुन
- सूर्य राशि : मिथुन
- सूर्योदय : 05:31:00 AM
- सूर्यास्त : 07:22:00 PM
- चंद्रोदय : चन्द्रोदय नहीं
- चंद्रास्त : 07:38 पी एम
- राहुकाल : 15:54 से 17:38
- यमगंड : 10:43 से 12:26
आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मिथुन राशि और पुनर्वसु नक्षत्र में रहेगा. यह नक्षत्र मिथुन राशि में 20:00 से लेकर कर्क राशि के 3:20 तक फैला हुआ है. इसकी अधिष्ठात्री देवी अदिति हैं और इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह बृहस्पति हैं. नया वाहन खरीदने या सर्विसिंग कराने के अलावा यात्रा और पूजा के लिए यह नक्षत्र अच्छा है. यह एक अस्थायी, तेज और गतिशील प्रकृति का तारा है. इस नक्षत्र में बागवानी करने, जुलूस में जाने, मित्रों से मिलने का कार्य भी किया जा सकता है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 15:54 से 17:38 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.










