CG News: ऑनलाइन सट्टा और डिजिटल अपराधों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत रायपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना गंज पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 50 लाख 35 हजार रुपए नगद सहित लगभग 80 लाख रुपए का सामान जब्त किया गया है.

सूचना के बाद पुलिस का एक्शन
दरअसल, पुलिस को 8 जनवरी 2026 को सूचना प्राप्त हुई थी कि थाना गंज क्षेत्र के पाठक हॉस्पिटल रोड स्थित सिंधु भवन पार्किंग के पास एक चारपहिया वाहन में कुछ लोग ऑनलाइन बैटिंग साइट्स के जरिए सट्टा संचालित कर रहे हैं. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और संदिग्ध वाहन को चिन्हित कर तलाशी ली. कार में सवार चार व्यक्तियों ने पूछताछ में अपने नाम रितेश गोविंदानी, मोह. अख्तर, विक्रम राजकोरी और सागर पिंजानी बताए.

जांच में क्या खुलासा हुआ ?
जांच के दौरान आरोपियों के लैपटॉप और मोबाइल फोन खंगाले गए, जिसमें Allpanelexch.com, Power7777.com, Powerexch.com और Classicexch99.com जैसी ऑनलाइन बेटिंग साइट्स के मास्टर आईडी और यूजर आईडी के माध्यम से सट्टा संचालित किया जाना पाया गया. पुलिस को आरोपियों के पास बड़ी मात्रा में नगद रकम भी मिली. पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रितेश गोविंदानी और सागर पिंजानी मास्टर आईडी के जरिए अन्य लोगों को सट्टा खेलने और खिलाने के लिए आईडी उपलब्ध कराते थे, जबकि मोह. अख्तर और विक्रम राजकोरी ग्राहकों को अलग-अलग साइट्स की यूजर आईडी कमीशन के आधार पर बेचते थे.

पुलिस आरोपियों के कब्जे से क्या-क्या जब्त किए?
इस नेटवर्क के जरिए सभी आरोपी अवैध रूप से लाखों रुपए का मुनाफा कर रहे थे. पूछताछ में यह भी सामने आया कि ये चारों हाल ही में विदेश से लौटे थे और इनकी मानसा जल ही होने वाले IPL मैचेज में सत्ता खिलवाने की थी और ये उसके पहले अपने पैर अच्छे से जमाने का प्रयास कर रहे थे. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50,35,000 रुपए नगद, दो लैपटॉप, दस मोबाइल, हुंडई टक्सन कार, पासपोर्ट, एटीएम कार्ड, चेकबुक और कैलकुलेटर जब्त किए हैं.

अपराधी पहले भी जेल जा चुके हैं
इसके अलावा, आरोपियों के बैंक खातों में जमा करोड़ों रुपए की राशि को होल्ड कराया गया है. थाना गंज में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रितेश गोविंदानी और विक्रम राजकोरी पूर्व में भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं. वहीं, सट्टा खेलने वाले ग्राहकों की पहचान कर उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि बदलते अपराध के तरीकों को देखते हुए साइबर निगरानी और वित्तीय गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है.

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