
Nashik TCS Case: महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कार्यालय से जुड़े कथित धर्मांतरण और कर्मचारियों के उत्पीड़न के मामले में आरोपी निदा खान को अदालत से जमानत मिल गई है। करीब चार महीने जेल में रहने के बाद कोर्ट ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ राहत दी। इस मामले में कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर गंभीर आरोपों की जांच चल रही है।
50 हजार रुपये के बॉन्ड पर मिली राहत
मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में अदालत ने निदा खान को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी है। जमानत के साथ कोर्ट ने कुछ शर्तें भी लागू की हैं।
उन्हें जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करना होगा और पुलिस के निर्देश के अनुसार नियमित रूप से थाने में उपस्थित होना होगा।
TCS के BPO कार्यालय से शुरू हुआ था विवाद
यह मामला नासिक में TCS से जुड़े एक BPO कार्यालय से सामने आया था। कुछ महिला कर्मचारियों की शिकायत के बाद पुलिस ने कथित यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने जैसे आरोपों की जांच शुरू की।
शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि कुछ गैर मुस्लिम कर्मचारियों पर नमाज पढ़ने और इस्लाम से जुड़ी धार्मिक गतिविधियां अपनाने के लिए दबाव बनाया गया। एक शिकायत में हिंदू धर्म के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप भी लगाया गया था।
केस में कई धाराओं के तहत दर्ज हुई FIR
नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में इस मामले को लेकर केस नंबर 166/2026 दर्ज किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार निदा खान को इस प्रकरण में आरोपी नंबर 5 बनाया गया है।
FIR में भारतीय न्याय संहिता की धारा 75, 79, 299, 302, 3(5) और 328 सहित अन्य प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
SIT के सामने कई मामलों की जांच की चुनौती
नासिक पुलिस ने पूरे प्रकरण की गहन जांच के लिए SIT का गठन किया है। TCS के नासिक कार्यालय से जुड़े अलग-अलग आरोपों को लेकर कुल 9 FIR की जांच किए जाने की बात सामने आई है।
इन मामलों में कथित यौन उत्पीड़न, जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश, छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना जैसे आरोप शामिल हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।



















