

अंबिकापुर: समग्र शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों की पहचान एवं सर्वेक्षण कार्य को प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से विकासखंड स्त्रोत केंद्र (बीआरसी) कार्यालय सीतापुर में मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। प्रशिक्षण सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित किया गया।
प्रशिक्षण में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार मिश्रा, स्पेशल एजुकेटर हेमलता पटेल, समावेशी शिक्षा बीआरपी मीना गुप्ता, लेखापाल प्रदीप गुप्ता सहित विकासखंड के सभी 30 संकुल शैक्षिक समन्वयक (सीएसी) एवं 30 संकुल स्त्रोत शिक्षक (समावेशी शिक्षा) उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान मीना गुप्ता ने प्रतिभागियों को दिव्यांगता के विभिन्न प्रकारों की पहचान, सर्वेक्षण प्रक्रिया, प्रपत्रों के सही संधारण, पात्र बच्चों के चिन्हांकन, डेटा संकलन तथा समयबद्ध रिपोर्टिंग संबंधी विस्तृत जानकारी दी। साथ ही समावेशी शिक्षा के तहत दिव्यांग बच्चों को उपलब्ध कराई जाने वाली शैक्षणिक एवं सहायक सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि दिव्यांग बच्चों की सही पहचान और समय पर सर्वेक्षण से उन्हें शासन की योजनाओं एवं शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ दिलाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने सभी मास्टर ट्रेनरों को अपने-अपने संकुल क्षेत्रों में प्रशिक्षण का प्रभावी प्रसार सुनिश्चित करते हुए सर्वेक्षण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों और प्रतिभागियों ने दिव्यांग बच्चों के शत-प्रतिशत चिन्हांकन तथा गुणवत्तापूर्ण सर्वेक्षण कार्य के सफल क्रियान्वयन के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम का आयोजन विकासखंड स्त्रोत केंद्र कार्यालय सीतापुर द्वारा किया गया।





















