नई दिल्ली: देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने हरियाणा स्थित अपने खरखौदा उत्पादन संयंत्र में 1 मेगावाट आवर क्षमता वाला बैटरी ऊर्जा भंडारण सिस्टम शुरू किया है। कंपनी का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना और कार्बन उत्सर्जन को कम करना है।

कंपनी के अनुसार, इस बैटरी सिस्टम को शुरुआती तौर पर संयंत्र की आंतरिक बिजली व्यवस्था से जोड़ा गया है। इससे प्लांट में बनने वाली सौर ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा।

मारुति सुजुकी ने साल 2025 में खरखौदा संयंत्र में 20 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना शुरू की थी। हालांकि, छुट्टियों और कम बिजली मांग वाले समय में पूरी सौर ऊर्जा का इस्तेमाल नहीं हो पाता था।

नया बैटरी ऊर्जा भंडारण सिस्टम ऐसे समय में बनने वाली अतिरिक्त बिजली को जमा करेगा और जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सकेगा। इससे बिजली व्यवस्था को भी अधिक स्थिर बनाने में मदद मिलेगी।

मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने कहा कि कंपनी भारत में आत्मनिर्भर हरित ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों का समर्थन कर रही है।

उन्होंने कहा कि खरखौदा संयंत्र में शुरू किया गया बैटरी ऊर्जा भंडारण सिस्टम इसी दिशा में एक कदम है। करीब 15 साल की अवधि वाले इस सिस्टम से हर साल लगभग 54 टन कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी।

कंपनी ने कहा कि आने वाले वर्षों में उत्पादन बढ़ने के बावजूद वह निर्माण प्रक्रिया से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मारुति सुजुकी का यह प्रयास उसकी मूल कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के पर्यावरण लक्ष्य के अनुरूप है, जिसके तहत वित्त वर्ष 2031 तक कार्बन उत्सर्जन में 42 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

इससे पहले जुलाई में कंपनी ने हरियाणा के खरखौदा में अपने आधुनिक वाहन निर्माण संयंत्र की शुरुआत की थी। करीब 800 एकड़ में फैला यह परिसर पूरी तरह शुरू होने के बाद दुनिया के बड़े वाहन निर्माण केंद्रों में शामिल होगा।

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