
बिलासपुर: न्यायधानी बिलासपुर की सिविल लाइन पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक महिला के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी को कथित तौर पर थाने से ही मुचलके पर छोड़ने और इसके एवज में थाना प्रभारी पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत उच्च पुलिस अधिकारियों से करते हुए निष्पक्ष जांच, आरोपी की गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
पीड़ित परिवार के अनुसार, लिंक रोड स्थित नटराज होटल के सामने रहने वाला पंकज रेड्डी कथित तौर पर एक परिचित के घर उस समय पहुंचा, जब महिला का पति शहर से बाहर गया हुआ था। आरोप है कि आरोपी ने घर में घुसकर महिला के साथ अभद्रता की और उसकी अस्मत से खिलवाड़ करने का प्रयास किया। मामले में शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन इसके बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर परिवार ने सवाल खड़े किए हैं।परिवार का आरोप है कि आरोपी को गंभीर धाराओं के बावजूद थाने से ही मुचलके पर छोड़ दिया गया। इसके बाद आरोपी के हौसले और बढ़ गए और वह कथित तौर पर अपने साथियों के साथ पीड़िता के देवर की दुकान पर पहुंचा। आरोप है कि उसने चाकू लहराते हुए परिवार को शिकायत वापस लेने के लिए धमकाया।
पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि आरोपी खुलेआम यह कह रहा है कि उसने सिविल लाइन थाना प्रभारी को 2 लाख रुपये देकर अपना मामला मैनेज कर लिया है और उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। हालांकि, रिश्वतखोरी के इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।मामले से परेशान पीड़िता और उसके परिवार ने अब बिलासपुर रेंज आईजी से शिकायत कर सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि आरोपी की ओर से लगातार धमकियां मिलने के कारण उन्हें जान-माल का खतरा बना हुआ है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब प्रदेश सरकार महिला सम्मान और सुरक्षा को लेकर लगातार बड़े दावे कर रही है। अब निगाहें पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं कि पीड़ित परिवार की शिकायत और थाना प्रभारी पर लगे रिश्वत के गंभीर आरोपों की जांच किस स्तर पर कराई जाती है तथा आरोपी के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है।
फिलहाल मामले में पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। पुलिस का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




















