

मरीजों को अनावश्यक रेफर नहीं करें, जरूरत पड़ने पर ही मेडिकल कॉलेज भेजें : जेडी हेल्थ डॉ. अनिल शुक्ला
अंबिकापुर/बलरामपुर। सरगुजा जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति परखने संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं (जेडी हेल्थ) डॉ. अनिल शुक्ला ने प्रतापपुर, धरमपुर, राजपुर एवं गोपालपुर अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्वास्थ्य केंद्रों में अव्यवस्था, दवाओं के रखरखाव में लापरवाही तथा कर्मचारियों की अनियमित उपस्थिति सामने आने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंपापुर में दवाइयों का रखरखाव अव्यवस्थित मिला। अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 19 से 20 मरीजों की ओपीडी होने की जानकारी मिली। वहीं लैब रूम की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं पाई गई तथा वेटिंग एरिया में टूटी कुर्सियां एवं सामान बिखरे मिले। इस दौरान प्रभारी चिकित्सा सहायक राधेश्याम राजवाड़े एवं नेत्र सहायक अधिकारी शाहिद हुसैन बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाए गए, जिन पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धरमपुर में दवाओं का रखरखाव व्यवस्थित मिला, लेकिन टीकाकरण कक्ष में इंजेक्शन एवं अन्य सामग्री अस्त-व्यस्त पाई गई। साफ-सफाई में कमी मिलने पर संस्था प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिए गए।
इसी क्रम में संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. अनिल शुक्ला ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालपुर का भी निरीक्षण किया। राजपुर अस्पताल में एनआरसी की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के विभिन्न वार्डों का जायजा लेते हुए उन्होंने महिला वार्ड में केवल महिला मरीजों तथा पुरुष वार्ड में केवल पुरुष मरीजों को भर्ती करने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, दवा वितरण व्यवस्था तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालपुर में दवाओं का रखरखाव अव्यवस्थित मिला तथा आईवी सामग्री की कमी पाई गई, जिस पर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।

राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधा उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिए गए। दवाओं के व्यवस्थित रखरखाव एवं अस्पताल प्रबंधन को एक स्थान पर सुव्यवस्थित करने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान राजपुर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर रमेश जायसवाल के कार्यों की सराहना करते हुए कहा गया कि उनके आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में पहले की अपेक्षा सुधार देखने को मिल रहा है, जिसका लाभ क्षेत्र के मरीजों को मिल रहा है।
डॉ. शुक्ला ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यालय में निवासकरने, मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर नहीं करने तथा जरूरत पड़ने पर ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इधर, राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल/उप जिला चिकित्सालय में उन्नयन किए जाने की मांग भी लगातार जोर पकड़ रही है। इस संबंध में ऑल मीडिया प्रेस एसोसिएशन सरगुजा संभाग अध्यक्ष एवं श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ राजपुर के प्रवक्ता अभिषेक कुमार सोनी द्वारा मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जा चुका है।मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई मांगों में राजपुर अस्पताल को जिला अस्पताल स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना, 24×7 आपातकालीन एवं ट्रॉमा सेवा शुरू करने, आईसीयू एवं एक्स-रे सुविधा बढ़ाने, ब्लड बैंक/ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित करने तथा पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
कलेक्टर कार्यालय बलरामपुर द्वारा भी इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई हेतु पत्र प्रेषित किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग के औचक निरीक्षण और लगातार उठ रही जनमांगों के बाद अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि राजपुर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार के साथ-साथ लंबे समय से लंबित मांगों पर भी शीघ्र कार्रवाई होगी।











