
इंदौर : एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव को मंच से नेताओं का परिचय देते समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। संबोधन के दौरान उन्होंने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को जल संसाधन मंत्री और तुलसी सिलावट को सांसद बता दिया। हालांकि, गलती का अहसास होते ही उन्होंने तुरंत अपना संबोधन संभाल लिया।
60 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर के अटल पथ पर आयोजित कार्यक्रम में 60 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में सरकार के कई मंत्री, सांसद, विधायक और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
इसी दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मंच से मौजूद जनप्रतिनिधियों और नेताओं का अभिवादन करते हुए उनका नाम लेना शुरू किया। इसी क्रम में उनसे नेताओं के पद को लेकर गलती हो गई।
कैलाश विजयवर्गीय को बताया जल संसाधन मंत्री, फिर तुरंत सुधारा संबोधन
महापौर ने अपने संबोधन में कैलाश विजयवर्गीय का परिचय जल संसाधन मंत्री के तौर पर दिया। इसके बाद उन्होंने तुलसी सिलावट को सांसद कहकर संबोधित किया। कुछ ही क्षणों में उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत संबोधन को सुधार लिया।
इसके बाद उन्होंने तुलसी सिलावट का नाम दोबारा लिया और कैलाश लालवानी को सांसद के तौर पर संबोधित किया। मंच पर हुई इस चूक के दौरान महापौर कुछ असहज नजर आए, लेकिन उन्होंने बिना ज्यादा देर किए अपनी बात को ठीक कर दिया।
किस नेता के पास कौन सा पद है, जानिए सही स्थिति
कैलाश विजयवर्गीय बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। उनके पास संसदीय कार्य और शहरी विकास से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी है।
वहीं, तुलसी सिलावट सांवेर विधानसभा सीट से विधायक हैं और मध्य प्रदेश सरकार में जल संसाधन मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे कैबिनेट मंत्री हैं।




















