Ritabrata Banerjee Retains Post: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रहे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अंदरूनी संघर्ष के बीच कलकत्ता हाईकोर्ट से ममता को बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने सीधे तौर पर तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष (LoP) के पद को लेकर चल रहे विवाद में अदालत ने फिलहाल स्पीकर के फैसले पर रोक लगाने से मना कर दिया. इस फैसले से साफ हो गया कि फिलहाल नेता प्रतिपक्ष का पद ऋतब्रत बनर्जी के पास ही रहेगा.

दरअसल, विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के भीतर बगावत शुरू हुई और कई विधायक पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खड़े हो गए. बागी खेमे के प्रमुख चेहरे बनकर उभरे ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि बड़ी संख्या में विधायक उनके साथ हैं. इसके बाद विधानसभा स्पीकर ने उनके गुट को मान्यता देते हुए उन्हें नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दे दिया.

बीएमसी ने दी थी स्पीकर के फैसले को चुनौती

टीएमसी ने स्पीकर के इस फैसले का कड़ा विरोध किया था. पार्टी का कहना है कि ऋतब्रत बनर्जी को पहले ही पार्टी से बाहर किया जा चुका है, इसलिए उन्हें विपक्ष का नेता नहीं माना जा सकता है. पार्टी ने आरोप लगाया कि स्पीकर ने विधानसभा की परंपराओं और नियमों की अनदेखी की है. इसके साथ ही एक बागी नेता को इतना बड़ा संवैधानिक पद दे दिया. इसी फैसले को चुनौती देते हुए टीएमसी हाईकोर्ट पहुंची थी.

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