

बिलासपुर/अंबिकापुर। करोड़ों रुपए के गबन के मामले में हाईकोर्ट ने दिए चालान पेश करने का आदेश, चीफ इंजीनियर, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर लिमिटेड अंबिकापुर एवं ठेकेदार प्रभोजत सिंह भल्ला के विरुद्ध कोतवाली अंबिकापुर में केस दर्ज है।एक साल से अधिक समय हो जाने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं करने और चालान नहीं पेश करने के कारण मामला पहुंचा हाईकोर्ट। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर लिमिटेड अंबिकापुर के चीफ इंजीनियर कार्यालय का है जहां पर करोड़ों रुपए के फर्जी एवं कूट रचित दस्तावेज लगाकर ठेकेदार से मिली भगत कर ई.पी.एफ बोनस एवं ई.एस.आई.सी की राशि गबन करने के संबंध में है। जिसमें डी०के० सोनी अधिवक्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट के द्वारा एक आवेदन थाना अंबिकापुर कोतवाली में मेसर्स आर०के० एसोसिएट्स, मैट्रिक सर्विस एवं गुरुकृपा ग्रुप के द्वारा वेतन से ई०पी०एफ० बोनस एवं ई०एस०आई०सी० की राशि में गोलमाल करने तथा फर्जी बिल लगाकर करोड़ों रुपए की राशि निकालने के संबंध में कार्यपालन निदेशक अंबिकापुर के जांच रिपोर्ट दिनांक 24 फ़रवरी 2023 के साथ प्रस्तुत किया गया एवं संबंधित अधिकारियों तथा मेसर्स आर०के० एसोसिएट्स, मैट्रिक सर्विस एवं ग्रुपकृपा के डायरेक्टर/प्रोप्राइटर के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर प्रथम सूचना पत्र क्रमांक 282/2025 अंतर्गत धारा 409,419,420,467,468,471 भादवीं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। कोतवाली अंबिकापुर में अपराध पंजीबद्ध करने के बाद सभी आरोपियों की अग्रिम जमानत भी न्यायालय से निरस्त हो गया उसके बाद भी गिरफ्तारी नहीं की जा रही है और न ही अंतिम प्रतिवेदन चालान न्यायालय में पेश किया जा रहा था जिसके कारण डॉ. डीके सोनी ने इस संबंध में उच्च न्यायालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ में डब्लू पीसीआर नम्बर 357/2026 डीके सोनी प्रति छत्तीसगढ़ शासन पेश किया जिसमें उच्च न्यायालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ ने आदेश पारित करते हुए अपराध क्रमांक 282/25 में चार सप्ताह के भीतर विवेचना कर अंतिम प्रतिवेदन चालान प्रस्तुत करने का आदेश दिए।











