भारत और रूस ने संयुक्त नौसैनिक अभ्यास ‘इंद्र 2026’ के हार्बर चरण की औपचारिक शुरुआत कर दी है। भारतीय नौसेना के जहाज INS सह्याद्रि और रूसी नौसेना के जहाज अल्दार त्सिदेनझापोव की ऑपरेशनल टीमों के बीच आयोजित योजना सम्मेलन के साथ यह चरण शुरू हुआ। भारतीय नौसेना ने शुक्रवार को एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि इस सम्मेलन में रूसी नौसेना के पैसिफिक फ्लीट के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। सम्मेलन में अभ्यास के समुद्री चरण के लिए विस्तृत कार्यक्रम तय किया गया।

प्रोटोकॉल बैठक और पोर्ट कॉल गतिविधियां

पोर्ट कॉल (बंदरगाह पर रुकने) के दौरान INS सह्याद्रि पर मौजूद प्रतिनिधिमंडल ने पैसिफिक फ्लीट की मिश्रित सेनाओं के प्रिमोरस्की फ्लोटिला के कमांडर वाइस एडमिरल ए.वाई. सिसुएव के साथ प्रोटोकॉल बैठक भी की। यह बैठक दोनों नौसेनाओं के बीच समन्वय और आपसी समझ को और मजबूत करने वाली रही।

रूसी रक्षा मंत्रालय की घोषणा

इससे पहले बुधवार को रूसी रक्षा मंत्रालय ने रूस के चेल्याबिंस्क क्षेत्र और रूसी सुदूर पूर्व में भारत-रूस संयुक्त क्रॉस-ब्रांच अभ्यास ‘इंद्र 2026’ के शुरू होने की घोषणा की थी। मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास में दोनों देशों की थल सेना इकाइयां, रूसी और भारतीय नौसेना के युद्धपोत तथा रूसी एयरोस्पेस फोर्सेज के विमान शामिल हैं।

10 अक्टूबर को व्लादिवोस्तोक पहुंचे रूसी युद्धपोत अल्दार त्सिदेनझापोव और भारतीय युद्धपोत INS सह्याद्रि के चालक दलों ने पैसिफिक फ्लीट के मुख्य बेस पर आयोजित उद्घाटन समारोह में भाग लिया।

अभ्यास के विभिन्न चरण

– जमीनी हिस्सा: 23 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें सैन्य टुकड़ियां यूनिट कमांड और कंट्रोल का अभ्यास करेंगी तथा ट्रेनिंग ग्राउंड पर अवैध सशस्त्र समूहों को खत्म करने का संयुक्त अभियान चलाएंगी। 
– समुद्री व्यावहारिक चरण: 16 से 17 अक्टूबर तक जापान सागर में आयोजित होगा। इसमें सामरिक युद्धाभ्यास, समुद्री और हवाई लक्ष्यों पर तोपों से गोलाबारी, निरीक्षण अभियान तथा आतंकवादियों द्वारा कब्जे में लिए गए जहाज को मुक्त कराने का रिहर्सल शामिल है।

वायुसेना और विशेष बल अभ्यास

रूसी एयरोस्पेस फोर्सेज और भारतीय वायुसेना के कर्मी Su-30SM लड़ाकू विमानों के जरिए कई अभ्यास करेंगे। इनमें कम ऊंचाई पर उड़ने वाले छोटे लक्ष्यों को निशाना बनाना, कम और मध्यम दूरी पर हवा में मौजूद हथियार ले जाने वाले साधनों को नष्ट करना तथा कम व मध्यम ऊंचाई पर हवाई युद्ध शामिल हैं। इसके अलावा, दोनों देशों के कर्मी Mi-8 सैन्य हेलीकॉप्टरों के माध्यम से विशेष बलों की तैनाती का अभ्यास करेंगे। दूर-दराज़ इलाकों में मुसीबत में फंसे एयरक्रू को खोजने और बचाने के सर्च-एंड-रेस्क्यू अभियान भी किए जाएंगे। ‘इंद्र 2026’ भारत और रूस के बीच सैन्य सहयोग को और मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण अभ्यास है, जो थल, जल और वायु तीनों क्षेत्रों में संयुक्त संचालन क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है।

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