

रायपुर: प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। अब हॉस्टल की कमी के कारण किराये की समस्या से जूझ रहे छात्रों को सरकार आर्थिक मदद देगी। एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए “मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना” लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसका ड्राफ्ट तैयार हो गया है और इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किया जाएगा।
योजना के तहत छात्र अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय के पास किराये के मकान में रह सकेंगे। इसके लिए सरकार प्रतिमाह आर्थिक सहायता देगी। राजधानी रायपुर में पढ़ने वाले छात्रों को 3000 रुपए, जबकि बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा जैसे संभागीय मुख्यालयों में 2500 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। वहीं जिला और विकासखंड स्तर पर पढ़ाई करने वाले छात्रों को 2000 रुपए प्रति माह सहायता दी जाएगी।
दरअसल, अब तक पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में सीटें सीमित होने के कारण हर साल बड़ी संख्या में छात्र प्रवेश से वंचित रह जाते थे। कई छात्रों को दूर-दराज के छात्रावासों में रहना पड़ता था या फिर महंगे किराये पर निजी मकान लेना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है, ताकि छात्र अपने शिक्षण संस्थान के पास रहकर पढ़ाई कर सकें।
इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि साल में 10 महीने के लिए तीन किश्तों में प्रदान की जाएगी। स्नातक पाठ्यक्रम के लिए अधिकतम 4 साल और स्नातकोत्तर के लिए 2 साल, यानी कुल 6 वर्षों तक इसका लाभ मिलेगा।हालांकि, सरकारी या निजी छात्रावासों, अनुदान प्राप्त संस्थाओं या किसी संस्था द्वारा संचालित भवनों में रहने वाले छात्रों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को मिलेगा जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपए से कम है। चयन मेरिट के आधार पर होगा। स्नातक में प्रवेश के लिए 12वीं में प्रथम श्रेणी और स्नातकोत्तर के लिए स्नातक में कम से कम 55 प्रतिशत अंक अनिवार्य किए गए हैं।
प्रदेश में वर्तमान में 343 शासकीय कॉलेजों में करीब 2.88 लाख छात्र अध्ययनरत हैं। इनमें एसटी वर्ग के 74 हजार, एससी के 44 हजार, ओबीसी के 1.41 लाख और सामान्य वर्ग के करीब 29 हजार छात्र शामिल हैं।
आदिम जाति विकास विभाग की प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के अनुसार, उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की जा रही है। हॉस्टल उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में छात्र अब संस्थान के आसपास रहकर पढ़ाई जारी रख सकेंगे। योजना की विस्तृत गाइडलाइन जल्द जारी की जाएगी।

































