

AIADMK TVK Political Crisis: तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों को पूरा हुए अभी एक महीने का समय भी पूरा नहीं हुआ है. इसके बाद भी एक बार फिर उपचुनावों की आहट साफ तौर पर सुनाई देने लगी है. ऐसा इसलिए क्योंकि यहां सोमवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. जब AIADMK के तीन बागी विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया. इसके साथ ही उन्होंने टीवीके और मुख्यमंत्री विजय का दामन थाम लिखा है. इन इस्तीफो के कारण AIADMK के सामने नया संकट खड़ा हो गया है.
तमिलनाडु मं इस्तीफा देने वाले विधायकों में मरागथम कुमारावेल, के.एस. जयकुमार और पी. सत्यभामा शामिल हैं. इन तीनों ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया है. इसके बाद में ये नेता TVK सरकार में मंत्री आदव अर्जुना से मिले, जिसके बाद इनके विजय की पार्टी में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई.
विजय के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें सरकार बनाने के समय काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था. जब उनके पास संख्या बल नहीं था. राजनीतिक जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में AIADMK के कई और विधायक अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं. ऐसे विधायकों की कुल संख्या 25 है जो अपनी ही पार्टी से नाराज चल रहे हैं.
AIADMK के भीतर खींचतान जारी
तमिलनाडु चुनाव के बाद से ही AIADMK के भीतर खींचतान चल रही थी. पार्टी के कई विधायक नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे थे. बागी गुट का आरोप है कि पार्टी नेतृत्व लगातार एकतरफा फैसले ले रहा था और चुनावी रणनीति भी गलत रही, जिसकी वजह से AIADMK को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है.
फ्लोर टेस्ट में ही दे दिए थे बगावत के संकेत
इन तीनों विधायकों ने कुछ दिन पहले ही विधानसभा में हुए विश्वास मत के दौरान विजय सरकार का समर्थन किया था. उस समय करीब 25 से ज्यादा AIADMK विधायक पार्टी लाइन से अलग जाकर TVK के पक्ष में खड़े दिखाई दिए थे. हालांकि बाद में कुछ विधायक फिर से AIADMK खेमे में लौट आए, लेकिन अब तीन विधायकों के इस्तीफे ने साफ कर दिया है कि पार्टी के भीतर असंतोष अभी खत्म नहीं हुआ है.
संकट में AIADMK पार्टी
तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा में AIADMK पहले ही कमजोर स्थिति में पहुंच चुकी है. चुनाव में पार्टी को केवल 47 सीटें मिली थीं, जबकि विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. हालांकि TVK को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था, लेकिन कांग्रेस, वाम दलों और कुछ अन्य सहयोगियों के समर्थन से विजय ने सरकार बनाई. बाद में AIADMK के बागी विधायकों का समर्थन भी सरकार को मिला.
अब होगा उपचुनाव
तीन विधायकों के इस्तीफे के बाद अब इन सीटों पर उपचुनाव होना तय माना जा रहा है. राजनीतिक जानकार इसे विजय के लिए बड़ी मजबूती और AIADMK के लिए गंभीर झटका मान रहे हैं. इन तीन विधायकों के इस्तीफे के बाद आने वाले समय में 4 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होगा. इसमें सीएम विजय की वह सीट भी होगी जहां से उन्होंने इस्तीफा दिया था.





















