राजनांदगांव : डोंगरगांव में जमीन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने 60 वर्षीय ग्रामीण महिला की अशिक्षा का फायदा उठाकर कथित तौर पर उसकी 21 डिसमिल जमीन अपने नाम कराने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मो. परवेज गोरी उर्फ ओमप्रकाश राजपूत के रूप में हुई है। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

7 डिसमिल के नाम पर 21 डिसमिल की रजिस्ट्री का आरोप

पुलिस के अनुसार ग्राम अरसीटोला निवासी जामबाई पति बलराम यादव ने शिकायत में बताया कि आरोपी ने उसकी जमीन खरीदने की बात कही थी। जमीन के लिए 7-7 डिसमिल के हिसाब से कुल 21 डिसमिल का सौदा तय होने की बात सामने आई।आरोप है कि रजिस्ट्री के दौरान महिला को 7 डिसमिल जमीन से संबंधित दस्तावेज बताए गए, लेकिन उसके सामने 21 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री वाले कागजात रखकर हस्ताक्षर करा लिए गए। महिला ग्रामीण और अशिक्षित होने के कारण दस्तावेजों की वास्तविक जानकारी नहीं समझ सकी।

चेक अनादरित हुआ तो सामने आया पूरा मामला

महिला के अनुसार जमीन के बदले आरोपी ने चेक दिए थे। इनमें से एक चेक बैंक में अनादरित होने के बाद जमीन के दस्तावेजों को लेकर संदेह पैदा हुआ। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई।जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 237/2026 दर्ज किया। मामले में बीएनएस की धारा 318(4) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है।

पहले भी दर्ज बताए जा रहे हैं ऐसे मामले

पुलिस जांच में आरोपी के खिलाफ थाना छुरिया और कोतवाली राजनांदगांव में भी इसी तरह के अपराध दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ पहले से कई शिकायतें और मामले दर्ज हैं। उसे थाना बसंतपुर का गुंडा बदमाश भी बताया गया है।आरोपी मो. परवेज गोरी उर्फ ओमप्रकाश राजपूत, पिता स्वर्गीय रूस्तम गोरी, निवासी इंदिरा नगर राजनांदगांव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस टीम ने की कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मंजुलता बाज के मार्गदर्शन में की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, उप निरीक्षक रामेश्वरी बघेल और प्रधान आरक्षक सुरेश राजपूत की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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