
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में राजस्व कार्यों में लापरवाही बरतने वाले 19 पटवारियों पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने इन सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। यह कदम फार्मर रजिस्ट्री, स्वामित्व संबंधी ई-केवाईसी, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों और न्यायालयीन मामलों के निपटारे में लापरवाही सामने आने के बाद उठाया गया है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सरकारी कामकाज में ढिलाई और जिम्मेदारियों की अनदेखी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बार-बार निर्देश के बाद भी पूरा नहीं हुआ काम
जारी आदेश के अनुसार, जिले में फार्मर रजिस्ट्री और स्वामित्व से संबंधित ई-केवाईसी का काम लंबे समय से लंबित था। अधिकारियों की ओर से संबंधित पटवारियों को कई बार नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा बैठकों के माध्यम से भी काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। समीक्षा के दौरान सामने आई कमियों के आधार पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों और कोर्ट केस में भी लापरवाही
पटवारियों के कामकाज में अनियमितता केवल रजिस्ट्री और ई-केवाईसी तक सीमित नहीं थी। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निराकरण और न्यायालय से जुड़े प्रकरणों में भी लापरवाही की बात सामने आई।
जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर रुचिका चौहान ने हाल ही में राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की थी। इस दौरान कई मामलों में समय पर कार्रवाई नहीं होने और कामकाज में अपेक्षित गंभीरता की कमी पर ध्यान दिया गया।
निलंबन के दौरान तहसील कार्यालयों में रहेंगे अटैच
प्रशासनिक आदेश के तहत निलंबित किए गए सभी 19 पटवारियों को निलंबन अवधि में संबंधित तहसील कार्यालयों से अटैच किया गया है। इस दौरान उनके कार्यस्थल और विभागीय व्यवस्था से संबंधित निर्देशों का पालन करना होगा।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने राजस्व कार्यों में लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन का संदेश साफ है कि किसानों से जुड़े काम, सरकारी योजनाओं की प्रक्रिया, जन शिकायतों और न्यायालयीन मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने पर संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।




















