बलरामपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित “सुशासन तिहार” को लेकर कांग्रेस ने सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी राजपुर के अध्यक्ष नीरज तिवारी ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि सुशासन तिहार अब जनता की समस्याओं के समाधान का मंच न होकर भाजपा नेताओं की राजनीतिक नेतागिरी चमकाने का माध्यम बन गया है।यह बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है कि शासकीय शिविरों के मंच पर भाजपा नेताओं को किस अधिकार से बैठाया जा रहा है, क्या यह जिला प्रशासन का कार्यक्रम है या भारतीय जनता पार्टी का राजनीतिक आयोजन, जिला प्रशासन को इसका जवाब जनता के सामने देना चाहिए। आज सबसे बड़ा सवाल यह है कि अब तक जनता द्वारा दिए गए कितने आवेदन और शिकायतों का वास्तविक समाधान हुआ है, कितनी मांगों पर कार्यवाही हुई है, सरकार और प्रशासन केवल आंकड़ों और प्रचार में व्यस्त दिखाई दे रहे हैं जबकि जमीनी स्तर पर जनता आज भी अपनी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है।

नीरज तिवारी ने कहा कि अब तक जनता द्वारा दिए गए आवेदनों और शिकायतों में कितनों का वास्तविक निराकरण हुआ है, इसकी जानकारी सामने नहीं आ रही है। सरकार और प्रशासन केवल प्रचार और आंकड़ों तक सीमित दिखाई दे रहे हैं, जबकि आम जनता आज भी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिविरों में नेताओं के लिए कूलर, पंखे और विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, लेकिन भीषण गर्मी में घंटों खड़ी रहने वाली जनता और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। इससे प्रशासन की प्राथमिकताएं स्पष्ट दिखाई देती हैं।इससे स्पष्ट है कि प्रशासन का पूरा ध्यान जनता की सेवा पर नहीं बल्कि सत्ता पक्ष के नेताओं को खुश करने पर केंद्रित है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि इन शिविरों का उद्देश्य केवल भाजपा नेताओं को मंच उपलब्ध कराना और राजनीतिक भाषण करवाना है, तो ऐसे कार्यक्रम पार्टी स्तर पर आयोजित किए जाने चाहिए, न कि सरकारी संसाधनों और प्रशासनिक तंत्र का उपयोग कर।उन्होंने दावा किया कि “सुशासन तिहार” अपने मूल उद्देश्य से भटक चुका है और जनता का इससे मोहभंग हो रहा है। जनता अब केवल प्रचार नहीं, बल्कि समस्याओं का वास्तविक समाधान चाहती है।आज अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय सत्ता के नेताओं की खुशामद में लगे हुए हैं। यही कारण है कि जिले में “सुशासन तिहार” पूरी तरह अपने उद्देश्य से भटक चुका है और विफल साबित हो रहा है। जनता अब समझ चुकी है कि साय सरकार हर मोर्चे पर असफल है और इन दिखावटी शिविरों से उसका मोहभंग हो चुका है। जनता जवाब चाहती है, समाधान चाहती है केवल प्रचार और राजनीतिक मंचन नहीं।

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