

छत्तीसगढ़ : चर्चित CSMCL ओवरटाइम घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने एक बार फिर कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने मामले के आरोपी अनवर ढेबर से जुड़े सहयोगियों के तीन ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सबूत मिलने का दावा किया गया है।EOW के अनुसार, शुरुआती जांच में मिले दस्तावेजों से संकेत मिले हैं कि कथित घोटाले से जुटाई गई अवैध रकम का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने में किया गया हो सकता है। अब जांच एजेंसी इन दस्तावेजों के आधार पर पैसों के लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े मामलों की पड़ताल कर रही है।
दस्तावेजों के आधार पर आगे बढ़ रही जांच
तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों की जांच की जा रही है। EOW अब अनवर ढेबर के सहयोगियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि पूरे मामले की जांच अभी जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है CSMCL ओवरटाइम घोटाला मामला
यह मामला छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में कर्मचारियों को दिए गए ओवरटाइम भुगतान से जुड़ा है। आरोप है कि नियमों को नजरअंदाज कर अधिक ओवरटाइम दिखाया गया और सरकारी राशि का गलत तरीके से उपयोग किया गया।इस मामले की जांच EOW और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) लंबे समय से कर रहे हैं। जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और इससे पहले भी कई स्तरों पर कार्रवाई हो चुकी है।
संपत्तियों और निवेश की भी हो रही जांच
EOW का मानना है कि कथित घोटाले से जुड़ा धन केवल ओवरटाइम भुगतान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उससे खरीदी गई संपत्तियों और किए गए निवेश की भी जांच जरूरी है। इसी वजह से जांच एजेंसी लगातार दस्तावेज जुटाने और मामले से जुड़े लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
अनवर ढेबर पहले भी विवादों में रह चुके हैं
अनवर ढेबर रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भाई हैं। इससे पहले भी उनका नाम प्रदेश के चर्चित शराब घोटाला मामले में सामने आ चुका है। अब CSMCL ओवरटाइम घोटाला मामले में भी उनका नाम आरोपी के तौर पर शामिल है।ताजा कार्रवाई में मिले दस्तावेजों के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
आगे और लोगों से हो सकती है पूछताछ
EOW ने बताया कि बरामद दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ की जा सकती है और आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।फिलहाल जांच एजेंसी कथित घोटाले की पूरी कड़ी जोड़ने और इससे जुड़े पैसों के इस्तेमाल की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।









