
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अधिवक्ता राकेश रावल से कथित मारपीट का मामला बुधवार देर रात और गरमा गया। जहांगीराबाद थाने के तत्कालीन TI राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और रामस्वरूप के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई। इससे पहले तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका था। FIR की मांग को लेकर जिला अदालत के पास प्रदर्शन और चक्काजाम कर रहे अधिवक्ताओं ने इसके बाद अपना विरोध खत्म कर दिया।
निलंबन के बाद भी जारी रहा वकीलों का विरोध
राकेश रावल से कथित मारपीट की खबर सामने आने के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता जहांगीराबाद थाने पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस ने TI राजन सिंह अहिरवार समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। मामले की प्राथमिक जांच के लिए सात दिन की समयसीमा भी तय की गई थी।
हालांकि, वकील केवल निलंबन की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर भोपाल जिला अदालत के पास प्रदर्शन किया और सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इससे आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ।
रास्ता बंद होने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
मामला 22 सितंबर की रात का बताया जा रहा है। अधिवक्ता राकेश रावल गणेश प्रतिमा विसर्जन के चलते बंद किए गए रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ उनका विवाद हुआ। रावल का आरोप है कि इसके बाद उन्हें जहांगीराबाद थाने ले जाया गया, जहां पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और कीचड़ में गिराकर डंडों से पीटा।
पुलिस की ओर से भी रावल के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। पुलिसकर्मियों का आरोप है कि विवाद के दौरान उन्होंने ट्रैफिक ACP के साथ अभद्रता की और सरकारी काम में बाधा डाली। दोनों पक्षों की शिकायतों को लेकर पुलिस ने अलग-अलग कानूनी कार्रवाई की है।
FIR के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
बुधवार को दिनभर चले विरोध के बाद वकील FIR दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे। देर रात TI समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद अधिवक्ताओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। मामले में अब पुलिस की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।




















