बिलासपुर :  कथित 5 करोड़ रुपये की चोरी की खबर आखिरकार अफवाह साबित हुई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल किया गया दावा पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है। मामले की जांच के दौरान चोरी की वास्तविक रकम और बरामद सामान का खुलासा होने के बाद पुलिस ने लोगों से अपुष्ट खबरों पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।

परिवार ऋषिकेश गया था, तभी हुई वारदात

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी रजनीश सेठ 18 जुलाई 2026 से अपने परिवार के साथ ऋषिकेश घूमने गए हुए थे। घर की सुरक्षा के लिए रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक एक सुरक्षा गार्ड तैनात किया गया था।23 जुलाई की रात ड्यूटी के दौरान सुरक्षा गार्ड ने घर के पीछे लगी विंडो एसी को उखड़ा हुआ देखा। उसने तुरंत रजनीश सेठ को इसकी सूचना दी। इसके बाद उनके बेटे और एक परिचित ने घर पहुंचकर स्थिति की जांच की।

पहले लगाया गया था इतना नुकसान होने का अनुमान

प्रारंभिक जांच में ऐसा लगा कि अज्ञात व्यक्ति विंडो एसी हटाकर घर में दाखिल हुआ और अलमारी की चाबी से नकदी व आभूषण निकालकर फरार हो गया।वीडियो कॉल के जरिए मिली जानकारी के आधार पर उस समय करीब 1.85 लाख से 2.35 लाख रुपये नकद, 15 से 20 तोला सोने के आभूषण और कुछ अन्य सामान चोरी होने का अनुमान लगाया गया था। प्रार्थी ने लौटने के बाद वास्तविक नुकसान का विस्तृत ब्यौरा देने की बात कही थी।

कैसे फैल गई 5 करोड़ की चोरी की अफवाह

इसी बीच कुछ लोगों ने बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के सोशल मीडिया पर यह खबर फैला दी कि घर से करीब 5 करोड़ रुपये की चोरी हुई है। पुलिस ने कहा कि इस दावे का वास्तविक घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है और इससे आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई।

घर लौटने पर बदली तस्वीर

रजनीश सेठ के घर लौटने के बाद विस्तृत जांच में पता चला कि जिन सामानों के चोरी होने की आशंका जताई गई थी, उनमें से कुछ वस्तुएं घर में ही सुरक्षित रखी मिलीं। इसके बाद उन्होंने थाना सिविल लाइन पहुंचकर वास्तविक चोरी गए सामान के संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

तीन नाबालिगों ने कबूला अपराध

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सिविल लाइन और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर 10 से 13 वर्ष आयु के तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की।पूछताछ के दौरान तीनों ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

नकदी, आभूषण और अन्य सामान बरामद

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 1,06,635 रुपये नकद, 4,500 रुपये के पुराने नोट, सोने-चांदी के आभूषण, कुछ बहुमूल्य रत्न, पूजा में उपयोग होने वाले पीतल और कांसे के सामान, नल की टोटियां, सिटकनी, कब्जे तथा अन्य धातु सामग्री बरामद कर ली है।

अफवाहों से बचने की अपील

बिलासपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपराधिक घटना से जुड़ी जानकारी साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलाई गई अपुष्ट खबरें न केवल भ्रम पैदा करती हैं, बल्कि जांच को भी प्रभावित कर सकती हैं।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!