Bihar Politics :मकर संक्रांति के दिन एक भावनात्मक और राजनीतिक रूप से अहम तस्वीर सामने आई। तेज प्रताप यादव के बुलावे पर उनके पिता और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव दही-चूड़ा भोज में शामिल हुए। तेज प्रताप के आवास पर लालू यादव की मौजूदगी को लेकर सियासी गलियारों में उनकी “घर वापसी” के कयास तेज हो गए हैं। इस मौके पर लालू यादव ने साफ कहा कि वे तेज प्रताप से नाराज नहीं हैं और उनका आशीर्वाद हमेशा बेटे के साथ रहेगा।

“मतभेद हो सकते हैं, दूरी नहीं”

लालू यादव ने कहा कि परिवार में मतभेद होते रहते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि रिश्तों में दूरी आ जाए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि तेज प्रताप अब परिवार के साथ ही रहेगा। इस बयान के बाद यह माना जा रहा है कि तेज प्रताप की पारिवारिक स्तर पर वापसी जल्द हो सकती है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले तेज प्रताप ने दिल्ली में बहन के आवास पर पिता से मुलाकात कर दही-चूड़ा खाने का न्यौता दिया था।

भोज में जुटे बड़े सियासी चेहरे

तेज प्रताप यादव के इस दही-चूड़ा भोज में बिहार की कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं। इनमें राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, साधु यादव, प्रभुनाथ यादव और चेतन आनंद शामिल थे। खासतौर पर साधु यादव की मौजूदगी चर्चा में रही, क्योंकि अतीत में उनके और तेज प्रताप के रिश्ते सहज नहीं रहे हैं। एक ही मंच पर दोनों की मौजूदगी ने Bihar Politics में नई चर्चाओं को जन्म दिया।

पहले भी दे चुके हैं आशीर्वाद

जब विधानसभा चुनाव के दौरान तेज प्रताप को पार्टी और घर से अलग किया गया था, तब उनके भाजपा में जाने की अटकलें लगी थीं। उस समय भी लालू यादव ने कहा था कि बेटे को हमेशा उनका आशीर्वाद मिलेगा। हालांकि इस आयोजन में तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही। तेज प्रताप ने कहा कि यह भोज परंपरा और रिश्तों को निभाने का प्रयास है।

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