
रायपुर : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र बाहर आने के मामले में रायपुर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। 'Pest Management in Crop and Stored Grains-I' के पेपर लीक प्रकरण में पुलिस ने छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी दुर्ग और आसपास के क्षेत्रों से की गई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
कई जिलों में एक साथ दबिश, तकनीकी जांच से मिला सुराग
पुलिस ने रायपुर के अलावा दुर्ग, कवर्धा, राजनांदगांव और बिलासपुर में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों तक पहुंचने में मोबाइल चैट और तकनीकी साक्ष्यों ने अहम भूमिका निभाई। मामले में अब तक 16 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।पेपर लीक को लेकर तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज है। जांच के दौरान कवर्धा के दो छात्रों से भी पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में कुछ छात्रों की संभावित भूमिका सामने आई है, जिसकी पड़ताल जारी है।
परीक्षा से पहले WhatsApp पर पहुंच गया था प्रश्नपत्र
मामला उस समय सामने आया जब परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और WhatsApp के जरिए प्रसारित होने लगा। परीक्षा केंद्र पर छात्रों को जो प्रश्नपत्र दिया गया, वह वायरल हुए पेपर से मेल खाता था। इसके बाद विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे।घटना के विरोध में NSUI ने भी मोर्चा खोल दिया था। शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और परिसर का घेराव किया।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जांच हुई तेज
पेपर लीक प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की बात कही थी। उन्होंने विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए थे।मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। अब पुलिस की गिरफ्तारी के बाद यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रश्नपत्र किस स्तर से बाहर आया और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया गया।
आज पुलिस बताएगी पूरे मामले की कड़ियां
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर मामले में और भी जानकारी सामने आ सकती है। पूरे प्रकरण का विस्तृत खुलासा पुलिस आज दोपहर 12 बजे करने वाली है। इससे पेपर लीक के पीछे सक्रिय नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।


















